Gwalior Amity यूनिवर्सिटी में छात्र को बाथरूम में बंधक बनाकर पीटा, 4 पर केस दर्ज

ग्वालियर। ग्वालियर में एमिटी यूनिवर्सिटी के बाथरूम फर्स्ट ईयर के छात्र को बंधक बनाकर पीटने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वह यूनिवर्सिटी के डी-ब्लॉक की सीढ़ियों पर बैठा था। तभी वहां चार छात्र पहुंचे और बात करने के बहाने उसे ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में ले गए।
यहां चारों ने यह कहते हुए मारपीट शुरू कर दी कि अभी यूनिवर्सिटी में नया आया है और हीरो बनकर दादागिरी करता है। इसके बाद छात्र को बेरहमी से पीटा गया और धमकाते हुए आरोपी वहां से चले गए।
घटना 01 सितंबर 2025 की दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित छात्र ने पहले यूनिवर्सिटी प्रबंधन से शिकायत की और बाद में महाराजपुरा थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने दो नामजद समेत चार छात्रों के खिलाफ मारपीट व धमकाने का केस दर्ज किया है।
बीबीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है पीड़ित
छात्र का नाम अनीश सिंह भदौरिया है। वह महाराजपुरा के हरदौल नगर का रहने वाला है। उसने इसी साल एमिटी यूनिवर्सिटी में बीबीए फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया है। सोमवार को वह डी-ब्लॉक की सीढ़ियों पर बैठा था।
उसी दौरान यूनिवर्सिटी के छात्र पवन गुर्जर, अजीत और दो अन्य उसके पास आए। पवन ने अनीश से कहा कि उससे जरूरी बात करनी है। जब अनीश ने पूछा तो पवन ने कहा कि यह पर्सनल मैटर है, नीचे चलकर बात करते हैं।
इसके बाद सभी उसे ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में ले गए। यहां चारों ने अनीश से कहा कि यूनिवर्सिटी में नया आया है और बहुत हीरोपंती व दादागिरी दिखाता है। इस पर अनीश ने जवाब दिया कि वह यहां केवल पढ़ाई करने आया है। अनीश का जवाब सुनकर चारों भड़क गए और गालियां देने लगे। जब उसने गालियां देने से मना किया तो आरोपियों ने उसकी लात-घूंसों से पिटाई कर दी। उसके चेहरे, आंख, सिर और पेट पर मुक्के मारे गए। इसके बाद आरोपी धमकी देकर वहां से भाग निकले।
CCTV से बचने की थी साजिश
मारपीट करने वाले छात्रों को पता था कि डी-ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर बाथरूम क्षेत्र में कोई CCTV कैमरा नहीं है। इसी वजह से उन्होंने अनीश को वहां बुलाकर हमला किया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रों के बीच विवाद की असली वजह क्या थी। पुलिस को शक है कि मामला रंगदारी या किसी लड़की को लेकर हो सकता है।
थाना प्रभारी धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि छात्र की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह सामने आएगी।



