Bhopal 90° Turn bridge: हद हो गई…जिस इंजीनियर ने की गलत डिज़ाइन, कार्रवाई के बजाय उसी को सुधारने का जिम्मा दिया

भोपाल।प्रदेश के लोक निर्माण विभाग में अंधी चल रही है। मंत्री से लेकर बड़े अधिकारी जैसे भांग खाये बैठे हैँ। करोड़ों की बर्बादी हो रही है, भ्रष्टाचार की सीमाएँ लांघी जा रही हैँ, कोई कुछ देखने करने वाला नहीं।

खबर राजधानी के ऐशबाग की बरखेड़ी फाटक के 90 डिग्री वाले ब्रिज को है, हो हल्ले के बाद इसे री-डिजाइन करना तय किया है। इसमें वाहनों को घुमाव को आसान बनाने के निर्देश है, लेकिन हैरानी ये कि चीफ इंजीनियर ब्रिज जीपी वर्मा ने ही अधीक्षण यंत्री ब्रिज रहते हुए इस गड़बड़ी ब्रिज की डिजाइन को ओके किया था। अब उन्हें ही इसके सुधार में लगाया है। वर्मा दो दिन में चार बार ब्रिज का निरीक्षण कर आएं है। ब्रिज पर मुडने के लिए करीब 200 मीटर का कर्व चाहिए, इसके लिए जगह नहीं निकल पा रही है। जीपी वर्मा, एके बौरासी, प्रवीण वर्मा, सविता मालवीय जांच कर रास्ता निकाल रहे हैं।

ज्ञात हो कि आंबेडकर ब्रिज में सरफेस खराब होना बताकर सहायक यंत्री एके शुक्ला व एक अन्य को सस्पेंड किया गया। जबकि जीजी फ्लाइओवर शुरू हुआ तो एसई व सीई पीडब्ल्यूडी ने यहां निरीक्षण कर ओके रिपोर्ट दी थी। तब समय की कमी से डामर का काम टालने का कहा गया था। बाद में पीएस निरीक्षण में सवाल उठा तो सहायक यंत्रियों को कटघरे में खड़ा किया। ऐशबाग ब्रिज में भी ऐसी ही स्थिति बन रही है।
वर्मा बोले- निरीक्षण किया, सुधार भी करेंगे
चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा का कहना है कि निरीक्षण किया है। यहां डिवाइडर से लेकर आसपास कर्व को लेकर स्थितियां देखी है। लंबाई चौड़ाई से लेकर ढलान को लेकर तकनीकी जांच भी की। अब सुधार भी शुरु करेंगे। फिलहाल ब्रिज का काम पूरा नहीं हुआ है। इसकी फिनिशिंग व सरफेस का काम चल रहा है। इसे शुरू करने में समय लगेगा।

बरखेड़ी फाटक ऐशबाग आरओबी टाइम-लाइन
2017 में ऐशबाग क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी
2018 में ब्रिज डिजाइन को प्रशासनिक सहमति मिली। उस समय सरकार इस पर सहमत नहीं थी।
2021 में ब्रिज निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। इंजीनियर्स ने डिजाइन पर शासन को समझा दिया।
2022 में ब्रिज का निर्माण शुरु हुआ। 18 करोड़ के बजट के साथ ब्रिज तैयार हो रहा।
जून 2025 में ब्रिज का 90 डिग्री का एंगल चर्चा का विषय बना। एनएच की टीम ने निरीक्षण कर सुरक्षा उपाय के साथ ब्रिज को शुरु करने का कहा। विवाद बढ़ा तो ब्रिज के डिजाइन में बदलाव करने का फैसला हुआ। अब इंजीनियरों की टीम स्थल का निरीक्षण कर रही है। जल्द ही सुधार कार्य होने की संभावना है। ब्रिज के फुटपाथ को तोड़कर सड़क को री-डिजाइन करेंगे।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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