भोपाल। प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले में एक और कार्रवाई हुई है। मप्र नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल की तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनिता शिजू के बाद अब तत्कालीन रजिस्ट्रार चंद्रकला दिवगैया की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। अपात्र नर्सिंग कॉलेजों को दी गई मान्यता में अनियमितताओं को लेकर ये कार्रवाई की गई है। जिसमें बताया है कि ऐसे कॉलेजों को दी गई मान्यता में की गई अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों और आम लोगों के सामने शासन और विभाग की छवि ध्वस्त हुई है। बहुत से छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। जिससे वर्ष 2021 से 2023 तक जांच प्रकरणों के चलते परीक्षा न होने से प्रदेश के नर्सिंग छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में चला गया।
क्या सारंग भागीदार नहीं हैं: सिंघार
इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि एसीएस सुलेमान कोरोना काल से घोटाले करते नजर आ रहे हैं, क्या वह इसके अंदर भागीदार नहीं हैं? तत्कालीन मंत्री विश्वास सारंग क्या इसमें भागीदार नहीं हैं? इनके ओएसडी मयंक गुप्ता क्या इसमें नहीं शामिल थे जो अघोषित रूप से काम कर रहे थे। इसके साथ ही उमंग सिंघार ने आईएएस अफसर निशांत बरबड़े के भी नाम लिए हैं। सिंघार का कहना है कि इस मामले में बड़े मगरमच्छ यही लोग हैं। आप इन्हीं के ऊपर कार्रवाई कीजीए न कि छोटी मछलियों पर। दरअसल, एमपी में नर्सिंग घोटाला एक बड़ा घोटाला है। इस घोटाले में वैसे कॉलेजों का मान्यता दी गई है कि जो मापदंड नहीं रखते थे। कई कॉलेज तो किराए के भवन में चल रहे थे। घोटाला उजागर होने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
