भोपाल। ब्राह्मण बेटियों को लेकर असभ्य बयान देने वाले आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा की पदोन्नति रोकने के बाद अब 2013 बैच के पवन जैन की पदोन्नति भी रोक दी गई है। उनके विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में धोखाधड़ी के मामले में जांच चल रही है। इस आधार पर मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) ने जैन को पदोन्नत कर अपर सचिव बनाने की हरी झंडी नहीं दी।
पवन जैन को वर्ष 2020 में राज्य प्रशासनिक सेवा से आइएएस संवर्ग में पदोन्नत करने को लेकर भी आपत्ति उठी थी। ‘नईदुनिया’ ने 14 दिसंबर को ‘संतोष वर्मा के पहले पवन जैन को एफआईआर के बावजूद बना दिया था आइएएस’ शीर्षक से खबर देकर मामले को उठाया था। इसके बाद इन्हें पदोन्नत नहीं करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में एक जनवरी, 2026 को विभिन्न संवर्ग के अधिकारियों को नियमित पदोन्नति दी जानी है।
आईएएस संवर्ग में पदोन्नति के लिए दो बार बैठक हो चुकी है। पहली बार में अनुराग चौधरी, ऋषि गर्ग, तरुण भटनागर और संतोष वर्मा को पदोन्नत नहीं करने का निर्णय लिया गया था। शुक्रवार को हुई बैठक में 2013 बैच के अधिकारी पवन जैन को भी पदोन्नत नहीं करने का निश्चिय किया गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उनके विरुद्ध जांच चल रही है। इस आधार पर निर्णय लिया गया है।
बता दें, पवन जैन के विरुद्ध ईओडब्ल्यू में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इसके बाद भी उनकी आइएएस संवर्ग में नियुक्ति हो गई थी। तब यह आधार दिया गया था कि मामला दर्ज है लेकिन चालान प्रस्तुत नहीं हुआ है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ही अभियोजन की स्वीकृति नहीं दे रहा है।
पवन जैन पर आरोप हैं कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए बंधक रखे गए 25 प्रतिशत भूखंडों को कार्य पूर्णता प्राप्त किए बिना ही अनधिकृत रूप से मुक्त कर दिया था। बैतूल एसडीएम रहते पवन जैन ने आदिवासियों की जमीन नियम विरुद्ध तरीके से सामान्य वर्ग के लोगों को बेचने की अनुमति दे दी थी। इस मामले में उन्हें बैतूल से हटाया गया था। इसी तरह दिव्यांग से अभद्रता करने के मामले में इंदौर एडीएम पद से हटाया था।
