MP : बवाल मचा तो विधायक बरैया खुद के बयान से पलटे, कहा- मैंने बिहार के प्रोफेसर की किताब में पढ़ा

भोपाल। दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक विवादित बयान को लेकर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक विवादों में घिर गए हैं। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार को लेकर दी गई उनकी तथाकथित थ्योरी पर चौतरफा निंदा हो रही है।
कांग्रेस पार्टी ने भी उनके बयान से दूरी बना ली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फूल सिंह बरैया से लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, बढ़ते विरोध के बाद खुद बरैया ने अपने बयान से किनारा कर लिया है। फूल सिंह बरैया ने एक वीडियो जारी कर कहा- जिस बयान को लेकर मेरे ऊपर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह मेरा मौलिक बयान नहीं है। वह बयान बिहार में दर्शनशास्त्र के एचओडी रहे हरिमोहन झा द्वारा लिखा गया है। मैंने उसे एक संदर्भ में कोट किया है। मैं उस बयान से भी सहमत नहीं हूं। मैं स्वयं ऐसा नहीं मानता, लेकिन संदर्भ के तौर पर उसे उद्धृत किया गया था।
अब वो बयान, जिस पर मचा बवाल
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें बरैया ने कहा था- इंडिया में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और मोस्ट ओबीसी में होते हैं।मेरा कहने का मतलब यह है कि रेप की थ्योरी यह है कि कोई भी, कैसे भी दिमाग का व्यक्ति रास्ते में जा रहा है, उसे कोई खूबसूरत, अति सुंदर लडक़ी यदि दिखी तो उसका ब्रेन विचलित हो सकता है, तो रेप हो सकता है।

मंत्री प्रतिमा बागरी ने भी साधा बरैया पर निशाना
मध्यप्रदेश सरकार की नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने इस बयान को “निशाचरों की भाषा” करार दिया। प्रतिमा बागरी ने एससी-एसटी-ओबीसी महिलाओं को धर्म से जोड़कर दुष्कर्म को कथित रूप से “पुण्य” बताने की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह न धर्म है, न पुण्य—यह सीधा-सीधा पाप है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ में इस तरह की बातों का कोई उल्लेख नहीं है। यह सोच धर्मग्रंथों की नहीं, बल्कि निशाचारी और तांत्रिक प्रवृत्तियों की देन है, जहां मनुष्य को मनुष्य नहीं समझा जाता।

Exit mobile version