Dhankhad : दाढ़ी रखने वालों को देखते ही डर लगता है, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का वीडियो वायरल

चुरू। राजस्थान के चुरू जिले में पहुंचे पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें वह मजाकिया अंदाज में कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि जब मैं दाढ़ी वाले को देखता हूं तो डर जाता हूं। मेरा ओएसडी भी अपनी दाढ़ी से मुझे डरा देता है। धनखड़ ने ये बातें उनका स्वागत करने वाले व्यक्ति से कही। उस व्यक्ति ने दाढ़ी रख रखी थी, जिस पर धनखड़ ने हंसते हुए कहा, ”आजकल ये दाढ़ी वालों को देखते ही डर लगता है।” पूर्व उपराष्ट्रपति का यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है।
दरअसल, पूर्व उपराष्ट्रपति सादुलपुर दौरे पर पहुंचे थे और वहां पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां के आवास पर गए थे. इसी दौरान स्वागत करने आए एक व्यक्ति से बातचीत में उन्होंने हंसते हुए कहा कि ‘मैं दाढ़ी वालों को देखते ही डर जाता हूं.’ इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उनका अपना ओएसडी भी अपनी दाढ़ी की वजह से उन्हें डराता है. यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है.
बताया जा रहा है कि यह टिप्पणी पूरी तरह हल्के माहौल में कही गई थी. वहां मौजूद लोगों के बीच बातचीत के दौरान धनखड़ ने यह बात मुस्कुराते हुए कही थी. मौके पर मौजूद लोग भी इसे मजाकिया अंदाज में ही ले रहे थे.लेकिन जैसे ही वीडियो बाहर आया, उसके बाद इसे अलग नजरिये से देखा जाने लगा. सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे हल्की टिप्पणी बता रहे हैं, तो कुछ इसे गंभीर बयान की तरह पेश कर रहे हैं. इसी वजह से यह वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है.
राजनीतिक गलियारों में भी उठी हलचल
वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस पर बात होने लगी है. लोग इस बयान के मायने निकालने में जुट गए हैं. हालांकि, अभी तक इस मामले में धनखड़ की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन यह जरूर साफ है कि सादुलपुर के एक छोटे से कार्यक्रम में कही गई बात अब बड़े स्तर पर चर्चा में आ चुकी है. पूर्व उपराष्ट्रपति का यह दौरा सामान्य मुलाकात का हिस्सा था, जहां वे पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां के घर पहुंचे थे. लेकिन अब उसी मुलाकात से जुड़ा एक छोटा सा वीडियो सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है.
एक अन्य वीडियो में जगदीप धनखड़ ने बड़ा दावा किया कि उन्होंने बीमार होने की वजह से इस्तीफा नहीं दिया था। वह कहते हैं, ”मैंने कभी भी स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरती। जब मैंने कहा कि मैं पद त्यागता हूं तो कभी यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं।”
पिछले साल जुलाई महीने में जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति को भेजे गए अपने इस्तीफे में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था, लेकिन कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने इस्तीफे के पीछे अन्य वजह बताई थी। सूत्रों ने दावा किया था कि इस इस्तीफे के पीछे राज्यसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने का नोटिस वजह बना था। विपक्ष के 63 सदस्यों के साइन वाले इस हस्ताक्षर को धनखड़ ने स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद माना जा रहा था कि इसका क्रेडिट विपक्ष को मिलता। इसी वजह से बाद में धनखड़ को इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, आधिकारिक तौर पर धनखड़ ने अपने इस्तीफे के पीछे खराब स्वास्थ्य कारण ही बताया था।





