शंकराचार्य जी के साथ किया गया अभद्र व्यवहार अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक: सिंघार

भोपाल। हिंदुत्व की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा सरकार और स्वयं को कट्टर हिंदू संत बताने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के शासन में जगद्गुरु अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य जी के साथ किया गया अभद्र व्यवहार अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर पालकी से स्नान हेतु जाते समय शंकराचार्य जी को रोकने पर हुए विवाद में उनके शिष्यों से धक्का-मुक्की , प्रशासन का अभद्र रवैया , धमकियाँ , लाठीचार्ज जैसी परिस्थितियों से आहत होकर शंकराचार्य जी  धरने पर बैठने को मजबूर हो गए । इस दौरान शंकराचार्य जी की तबीयत भी खराब हो गई तेज बुखार और ठंड के चलते उन्हें लगातार दवा लेनी पड़ रही है और शंकराचार्य जी की सुरक्षा (जान का खतरा ) को लेकर उनके शिष्यों द्वारा आशंका जताना  प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। यह पूरा घटनाक्रम बीते छह दिनों से जारी प्रशासनिक असंवेदनशीलता और सत्ता के अहंकार को उजागर कर रहा है।

अपने आप को “संस्कारों की पार्टी” कहने वाली भाजपा के शासन में साधु-संतों अपमान इस बात को साबित करता  हैं  कि सत्ता के मद में मर्यादाएँ पूरी तरह टूट चुकी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार को सार्वजनिक रूप से अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य जी से माफी मांगे, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही  करे और संत समाज की गरिमा व सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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