Rahul Gandhi: बिहार से कर्नाटक तक वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, राहुल बोले- हमारे पास पूरे सबूत, EC को छोड़ेंगे नहीं

नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग (ईसी) पर बड़ा हमला बोला है। गुरुवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके पास 100 प्रतिशत पक्के सबूत हैं कि कर्नाटक की एक लोकसभा सीट पर चुनाव आयोग ने धोखाधड़ी को मंजूरी दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर चुनाव आयोग यह सोच रहा है कि वह बच जाएगा, तो यह उसकी भूल है, हम उसे नहीं छोड़ने वाले।

राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने कर्नाटक की केवल एक लोकसभा सीट की जांच की और उसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गईं। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में 45, 50, 60, 65 साल के नए वोटर जुड़ गए हैं। यह सिर्फ एक सीट की बात है। कई सीटों में वोटर डिलीशन (नाम हटाना), नए वोटर जोड़ना, और अवैध तरीके से जोड़ने का काम चल रहा है। हम इन सबूतों को सामने लाएंगे।

चुनाव आयोग पर सख्त हुए राहुल गांधी
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि मैं चुनाव आयोग को संदेश देना चाहता हूं कि अगर आप यह सोचते हैं कि आप बच जाओगे, तो आप गलत हो। हम आपके पीछे आने वाले हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

वोटर रिवीजन प्रक्रिया पर भी सवाल
बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं की चिंताओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों वोटर अपने पते पर नहीं मिले हैं और यह प्रक्रिया विपक्ष के वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफल हो रहा है।

राहुल बोले- भारत में चुनाव चुराए जा रहे हैं
राहुल गांधी ने बुधवार को भी कहा था कि देश में चुनाव “चुराए” जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस ने इस वोट चोरी का तरीका समझ लिया है और जल्द ही इसका कच्चा-चिट्ठा कागज़ों पर सामने रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे देश में ऐसा हो रहा है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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