MP : मुकुंदपुर समेत 6 पंचायतों को मैहर से अलग कर रीवा में मिलाने की तैयारी, अपनी सरकार के डिप्टी सीएम के विरोध में BJP नेता

सतना। मध्यप्रदेश के सतना और मैहर जिले की राजनीति इन दिनों मुकुंदपुर और आसपास की पंचायतों को लेकर गरमाई हुई है। मामला अमरपाटन तहसील के अंतर्गत आने वाले मुकुंदपुर, आनंदगढ़, आमिन, धोबहट, परसिया और पपरा ग्राम पंचायतों का है। इनको मैहर जिले से अलग कर रीवा जिले में शामिल करने का आधिकारिक पत्राचार शुरू हो चुका है।  इस प्रस्ताव के सामने आते ही न सिर्फ स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी खासा हलचल तेज हो गई है। बीजेपी सांसद सहित कई नेता अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के खिलाफ पार्टी के तमाम नेताओं ने मोर्चा खोल लिया है।

मिली जानकारी मुताबिक यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के माध्यम से प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग तक पहुंचा था। आयोग ने हाल ही में मैहर कलेक्टर से इन पंचायतों पर विस्तृत अभिमत मांगा है। हालांकि, मुकुंदपुर की ग्राम सभा पहले ही लिखित रूप में स्पष्ट कर चुकी है कि भविष्य में अगर परिसीमन होता है तो पंचायत को रीवा जिले में शामिल न किया जाए।

सांसद गणेश सिँह ने इसे साजिश बताया

राजनीतिक प्रतिक्रिया में सतना सांसद गणेश सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस कदम को पहचान छीनने की साजिश बताया है। उन्होंने साफ कहा कि यह अमरपाटन विधानसभा और सतना लोकसभा क्षेत्र की एकता पर चोट है। कांग्रेस विधायक व पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार सिंह ने इसे डेप्युटी सीएम की ओर इशारा करते हुए कुत्सित प्रयास और चालाकी बताया है। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा कदम किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा।

पूर्व विधायक ने डिप्टी सीएम पर लगाए आरोप
मैहर के भाजपा विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने भी विरोध जताते हुए कहा कि मुकुंदपुर की विश्वस्तरीय व्हाइट टाइगर सफारी मैहर की शान है। इसे अलग नहीं किया जा सकता। वही, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल ने इस इलाके को अमरपाटन की ‘धरोहर’ बताते हुए रीवा में विलय को पूरी तरह खारिज किया है। वहीं, मैहर के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने सीधे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला पर आरोप लगाते हुए इसे ‘छीनने का प्रयास’ कहा और कोर्ट और जनांदोलन के जरिए संघर्ष का ऐलान किया है।

विवाद की जड़ दुनिया की पहली टाइगर सफारी
दरअसल, विवाद की जड़ मुकुंदपुर स्थित दुनिया की पहली व्हाइट टाइगर सफारी है। आरोप हैं कि प्रस्तावित परिसीमन के जरिए सफारी को मैहर से रीवा जिले में स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2023 से पहले जब मैहर जिला नहीं बना था। तब सफारी सतना जिले में थी। उस समय भी सरकारी पोर्टल पर सफारी को रीवा में दर्शाने को लेकर विवाद खड़ा हो चुका था।और आज भी रीवा जिले के आधिकारिक पोर्टल पर यह मौजूद है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा
हालांकि अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग की रिपोर्ट और सरकार का रुख क्या होता है। लेकिन इतना तय है कि मुकुंदपुर और उसकी पांच पंचायतों के रीवा में विलय की कोशिश ने सतना-मैहर की राजनीति में असामान्य उबाल ला दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष का एक मंच पर आना इस मामले को और गंभीर बना देता है।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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