नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की महत्वपूर्ण बैठक अगले महीने हरियाणा के समालखा में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली बार शिरकत करेंगे। संघ के शताब्दी वर्ष और आगामी राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए इस तीन दिवसीय समागम को बेहद अहम माना जा रहा है।
इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही, भाजपा सहित संघ से प्रेरित विभिन्न 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भी इस विचार-मंथन का हिस्सा बनेंगे।
जनवरी 2026 में भाजपा की कमान संभालने के बाद नितिन नवीन का यह पहला आधिकारिक संघ दौरा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बैठक से पहले भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में कुछ बड़े फेरबदल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि समालखा बैठक में भाजपा के प्रतिनिधि मंडल में कई नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। यह बदलाव आगामी चुनावों और संगठन को नई ऊर्जा देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, समालखा बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु संघ के शताब्दी वर्ष (1925-2025) से संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा करना है। देश भर में चलाए गए विभिन्न अभियानों, गृह-संपर्क और शताब्दी निमित्त आयोजनों से प्राप्त अनुभवों को यहां साझा किया जाएगा। संघ नेतृत्व यह देखेगा कि शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों को किस हद तक हासिल किया गया है और आम जनमानस के बीच संघ की पहुंच कितनी बढ़ी है।
प्रतिनिधि सभा की इस बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही, आगामी वर्ष के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी। बैठक के दौरान सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है।
RSS की प्रतिनिधि सभा में लगेगी नितिन नवीन की पहली हाजिरी, भाजपा में बड़े बदलाव की तैयारी
