MP : क्यों बोले कैलाश विजयवर्गीय, मैं जिंदा बैठा हूं तो बजरंगबली की कृपा है, नहीं तो फोटो पर माला लग जाती..?

भोपाल। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है. कहा कि मैं बंगाल नहीं जाऊंगा। मुझ पर वहां 38 फर्जी केस किए गए हैं। वहां मेरी गिरफ्तारी का खतरा है। अगर मैं जिंदा बैठा हूं तो बजरंगबली की कृपा है, नहीं तो फोटो पर माला लग जाती।

पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए कहा है
मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं। वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के राजबाग स्थित निवास पर मीडिया से बंगाल चुनाव सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है। मंत्री विजयवर्गीय ने रतलाम प्रवास के दौरान इंदौर नगर निगम के विवाद, प्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अपने संबंधों पर भी बेबाक राय रखी।

ममता घबरा गई हैं
बंगाल में अपने पिछले अनुभवों और ममता बनर्जी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में विजयवर्गीय ने कहा कि ममता जी घबरा गई हैं। 5 से 10 लाख मुस्लिम एकट्ठे हो गए थे। ममता जी के पास बहुत सारे माफिया हैं। मैं जिंदा बैठा हूं तो बजरंगबली की कृपा है, नहीं तो फोटो पर माला लग जाती।


सीएम से बहुत अच्छे संबंध  हैँ
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी पर विजयवर्गीय ने कहा- “हमारे मुख्यमंत्री जी ने घोषणा कर दी है। पहले बिल आएगा। उसके आने के बाद लागू किया जाएगा। उसकी तैयारी हमारी चल रही है।” वहीं, निगम मंडलों में नियुक्तियों को लेकर उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल रोक दी गई हैं, चुनाव के बाद पार्टी की प्रक्रिया चलती रहेगी। मुख्यमंत्री के साथ संबंधों पर हंसते हुए उन्होंने कहा- “हमारे बहुत अच्छे संबंध है। जैसे आपसे (मीडिया) हमारे है वैसे ही उनसे भी है।” इससे पहले रात 10 बजे कार्यक्रम में पहुंचने पर मंत्री ने छोटी कन्याओं की पूजा की और उनके पैर छुए।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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