MP : शासकीय कैलेंडर में अफ्रीका के इम्पाला का फोटो छापा…? पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की शासकीय डायरी के बाद अब सरकारी कैलेंडर भी विवादों में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित कैलेंडर पर छपी हिरण की तस्वीर को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर कैलेंडर की तस्वीर साझा करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित कर लिखा कि जिस हिरण का चित्र एमपी के कैलेंडर पर लगाया गया है, वह न तो मध्य प्रदेश में पाया जाता है और न ही भारत में। उन्होंने दावा किया कि यह ‘इम्पाला’ (Impala) है, जो अफ्रीका में पाया जाता है।
सियासत गरमाने के आसार
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की लापरवाही से जोड़कर देख रहा है। हालांकि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखना होगा कि सरकार इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देती है और क्या भविष्य में शासकीय प्रकाशनों में चित्रों के चयन को लेकर कोई नई प्रक्रिया अपनाई जाती है।
ये बड़ी त्रुटि है
कैलेंडर के मुद्दे पर पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मप्र वाइल्ड लाइफ के संबंध में देश में सदैव अव्वल रहा है। प्रदेश की इतनी वन संपदा के बावजूद ऐसा किया गया है, तो वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन के लोग जिम्मेदार हैं। सरकार के अधिकारी जमीनी स्तर पर हकीकत से कितने दूर हैं।
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा प्रशासन इतना निरंकुश हो गया है और अधिकारी इतने मदमस्त हो गए हैं कि उन्हें यही नहीं पता कि हम क्या लिटरेचर छाप रहे हैं। उसमें कितना करोड़ रूपया खर्च होता है। उसमें हम यही नहीं समझ पाए कि हम क्या छाप रहे हैं। इतनी अराजकता का माहौल हमने पिछले 50 सालों में कभी नहीं देखा।
यह बड़ी हास्यपद कार्यशैली
कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने कहा यह बड़ा हास्यपद है कि भारत में इतने वन्यप्राणी हैं। शेर-चीते हैं जिनकी फोटो लगाई जा सकती थी, लेकिन अफसर पता नहीं कहां से फोटो खोज कर लाते हैं और कैलेंडर पर लगा देते हैं।
हजारों फोटो उपलब्‍ध थीं, लेकिन बड़ी चूक हुई
दूसरी ओर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति का आरोप लगाया. यह पूरा मामला तब और दिलचस्प हो गया जब विपक्ष ने इसे भाजपा सरकार की उपेक्षा का प्रतीक बताया. इम्पाला अफ्रीका का मूल निवासी है जो भारत में कहीं नहीं पाया जाता. मध्य प्रदेश में वन विभाग के पास हजारों स्थानीय फोटो उपलब्ध होने के बावजूद यह चूक हुई है जो न केवल हास्यास्पद है बल्कि राज्य की जैव विविधता को भी कमतर दर्शाती है।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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