MP : जीतू पटवारी ने लिखी सीएम क़ो चिट्ठी, तीन मंत्रियों क़ो करो बर्खास्त…

भोपाल।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर बजट सत्र से पहले तीन मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों और नैतिकता की अनदेखी हो रही है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पटवारी ने अपने पत्र में कहा है, मध्य प्रदेश एक लोकतांत्रिक रूप से संचालित राज्य है, जहाँ शासन की प्रत्येक इकाई से यह अपेक्षा की जाती है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों, नैतिकता एवं संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करे। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपके नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकलाप जनभावनाओं के विपरीत प्रतीत हो रहे हैं, जिससे अराजकता, अहंकार और अधिनायकवादी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है।
राज्य का बजट सत्र 16 फरवरी से आरंभ हो रहा है, जिसमें माननीय राज्यपाल महोदय का अभिभाषण भी प्रस्तावित है। यह सर्वविदित है कि इस अभिभाषण में वास्तविकता से अधिक आंकड़ों का आडंबर प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, जिससे आपकी सरकार आंखें मूंदती हुई दिखाई दे रही है।
इसी संदर्भ में एक गंभीर एवं जनभावनाओं से जुड़ा विषय आपके संज्ञान में लाना आवश्यक है। आपकी सरकार के बजट सत्र में ऐसे मंत्री उपस्थित रहेंगे, जिनकी मंत्रिमंडल में उपस्थित अब उपयोगिता से जुड़े उत्तर मांग रही है।
देश की बेटी एवं भारतीय सेना के अपमान के गंभीर आरोप – विजय शाह।
छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप से दर्जनों मासूम बच्चों की मृत्यु हुई – स्वास्थ्य मंत्री श राजेंद्र शुक्ल।
एक मंत्री जो अपने क्षेत्र की जनता को स्वच्छ पेयजल तक उपलब्ध कराने में असफल रहे – नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय।
उन्होंने लिखा -यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि सेना के अपमान, मासूमों की मौत और प्रशासनिक विफलताओं के बावजूद ऐसे मंत्री आज भी पद पर बने हुए हैं। इससे सरकार की नैतिकता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
यह समय आपकी नैतिक प्रतिबद्धता, उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता की भी परीक्षा है। आपसे अपेक्षा है कि बजट सत्र में माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व इन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर जनभावनाओं का सम्मान करें। अन्यथा यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि आपकी सरकार झूठ, अनैतिकता तथा देश की बेटियों और भारतीय सेना के अपमान का मौन समर्थन करती है।






