MP BJP: सागर जिले की जंग सड़क पर आई, भूपेंद्र पर मंत्री राजपूत का पलटवार-एक विधायक क्या पार्टी से बड़ा हो गया..?

भोपाल। सागर जिले में बीजेपी में चल रही खींचतान सड़क पर आ गई है। पूर्व मंत्री और खुरई से विधायक भूपेन्द्र सिंह के बयान पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पलटवार किया है। उन्होंने भूपेन्द्र सिंह का नाम लिए बिना कहा- एक व्यक्ति क्या पार्टी से बड़ा हो गया है? पार्टी नेतृत्व इसे देख रहा है। मैं भाजपा की तीन कठिन सीमाएं पार कर चुका हूं।
भूपेंद्र सिंह ने‎ कहा था कि एक मंत्री सागर में भाजपा को खत्म ‎करने में लगा हुआ है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने ने कहा कि ऐसे लोगों को हम स्वीकार नहीं कर ‎सकते। जिन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार ‎किए थे। वे लोग अब हमारी पार्टी में आकर फिर से ‎कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं।‎
दो लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार किए: भूपेन्द्र सिंह
भूपेन्द्र सिंह ने कहा था कि ये मामला सागर जिले का है, ‎वहां दो लोगों को लेकर मेरी आपत्ति पहले भी थी‎ और आज भी है। सबसे ज्यादा भाजपा के‎ कार्यकर्ताओं पर अत्याचार इन्हीं दो लोगों ने किए हैं।‎ ये कौन दो लोग हैं, इसकी जानकारी सभी को है।‎ प्रशासन उनकी बात सुन रहा है, जो कांग्रेस से आए‎ हैं। प्रशासन को पता है कि कब किसकी सुनना है।‎ प्रशासन जिनके इशारे पर काम कर रहा है, वे नहीं‎ चाहते कि भाजपा के मूल कार्यकर्ता मजबूत हों। वे ‎तो कांग्रेस के लोगों को ही मजबूत कर रहे हैं। वे‎ खुद भाजपा में कब तक रहेंगे, इसकी कोई गारंटी‎ नहीं है।
भूपेंद्र ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन‎ इतना जरूर कहा कि एक मंत्री है।‎
भूपेंद्र सिंह बोले- वीडी शर्मा कुछ साल पहले एबीवीपी से आए
खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बुधवार को मीडिया से कहा- वीडी शर्मा को पार्टी में आए हुए 5 से ‎7 साल हुए हैं, वे इससे पहले एबीवीपी में‎ काम करते थे। उनका बयान घोर ‎आपत्तिजनक है। मैंने उनकी अध्यक्षीय‎ गरिमा का ध्यान रखते हुए प्रतिक्रिया नहीं‎ दी थी, लेकिन उन्होंने पद की गरिमा का‎ ध्यान नहीं रखा। चाहता तो मैं भी जवाब ‎दे सकता था।
मंत्री राजपूत बोले- एक विधायक क्या पार्टी से बड़ा हो गया
भूपेंद्र सिंह के बयान पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने उनका नाम लिए बिना कहा- भाजपा से मैं पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा और 41000 वोट से जीता। दूसरा विधानसभा का चुनाव भाजपा से लड़ा और जीता। तीसरा चुनाव लोकसभा का हुआ, मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी मेरी विधानसभा में 86000 वोटों से जीती। तो मैं भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता हूं।
दूसरी बात जब मैं भाजपा में आया था तो राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के नेतृत्व में भाजपा मैंने जॉइन की थी। प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व उस समय मौजूद था। मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व के जॉइनिंग कराने पर भाजपा में आया। उस समय से लगातार मेहनत कर रहा हूं, काम कर रहा हूं। पार्टी को मजबूत कर रहा हूं।
एक विधायक का प्रदेश अध्यक्ष पर टिप्पणी करना बड़ी बात
मंत्री राजपूत ने कहा- सागर के एक विधायक जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर टिप्पणी कर सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी बहुत ही अनुशासित पार्टी है। यहां प्रदेश अध्यक्ष के ऊपर टिप्पणी करना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने टिप्पणी की, कि प्रदेश अध्यक्ष अभी कुछ दिन पहले, (5 साल पहले) ही विद्यार्थी परिषद से आए हैं, उन्हें समझ नहीं है। विद्यार्थी परिषद से तो अमित शाह भी आए हैं, विद्यार्थी परिषद से नड्डा जी आए हैं, जहां तक मैंने सुना है कि राजनाथ सिंह भी विद्यार्थी परिषद से आए हैं।
राजपूत ने कहा- आप विद्यार्थी परिषद से आए व्यक्ति को कोई महत्व नहीं दे रहे हो। कहने का मतलब यह है कि आप पार्टी से ऊपर हो गए हो। ऐसे व्यक्ति को पार्टी और शीर्ष नेतृत्व देख रहा है। मुझे ज्यादा टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेसियों को मैं नहीं लाया, पार्टी नेतृत्व ने जॉइन कराया
कांग्रेसियों को बीजेपी में लाने के सवाल पर मंत्री राजपूत ने कहा- कांग्रेसियों को मैं नहीं लाया। जब चुनाव हो रहे थे तो पार्टी के एजेंडे में था कि दूसरे दल के नेताओं को पार्टी से जोड़ना है। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक सदस्यता दूसरी पार्टी के व्यक्तियों ने की, उसमें कांग्रेस के व्यक्ति भी शामिल थे। जो इस विधानसभा चुनाव में शामिल हुए। उसमें मध्य प्रदेश के जैसे अन्य विधायक शामिल हुए ऐसे ही सागर के पूर्व विधायक भी शामिल हुए थे तो उन्हें मैंने शामिल नहीं किया। वो तो पार्टी के प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने किया। लेकिन जो व्यक्ति शीर्ष नेतृत्व से ऊपर हो गया हो यह प्रश्न विचारणीय है।
कांग्रेस एमएलए बोले- भूपेंद्र पर कार्रवाई करके दिखाएं वीडी
बीजेपी में चल रही खींचतान पर पूर्व मंत्री और राघौगढ़ से कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा- अब देखते हैं वीडी शर्मा में भूपेन्द्र सिंह पर कार्रवाई करने की हिम्मत है या नहीं ? हालांकि यह मेरा दायित्व नहीं है, मैं दूसरी पार्टी में हूं। लेकिन इतनी बड़ी और कठोर बात कहना अध्यक्ष जी के बारे में… मैं तो ये कहूंगा कि या तो अध्यक्ष जी कमजोर हो गए हैं, उनके पास नियंत्रण नहीं है।

Exit mobile version