मोदी को बीजेपी की नहीं, बीजेपी को मोदी की जरूरत; 75 साल में रिटायरमेंट वाली चर्चा पर निशिकांत दुबे ने कहा…

नई दिल्ली। भड़काऊ बयानों की वजह से चर्चा में रहने वाले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिटायरमेंट संबंधी चर्चाओं पर कहा है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ना बीजेपी की मजबूरी है। निशिकांत दुबे ने यह भी कहा है कि पार्टी को इस वक्त पीएम मोदी की जरूरत है, भले ही पीएम मोदी को पार्टी की जरूरत ना हो। इस दौरान भाजपा सांसद ने कहा है कि केंद्र में अभी 15-20 साल तक प्रधानमंत्री मोदी ही नजर आ रहे हैं।

बीजेपी सांसद ने यह बातें हाल ही में एक पॉडकास्ट में कही हैं। इस दौरान जब उनके एक बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तब निशिकांत दुबे ने कहा, “मुझे तो अभी 15-20 साल तक मोदी ही नजर आ रहे हैं। यदि मोदी जी हमारे नेता नहीं हैं तो भारतीय जनता पार्टी 150 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। उन्होंने आगे कहा, “2029 का चुनाव भी भारतीय जनता पार्टी की मजबूरी है कि मोदी जी के नेतृत्व में लड़ना पड़ेगा।”

निशिकांत दुबे से जब आगे मोहन भागवत के 75 साल में रिटायरमेंट वाले बयान पर सवाल किए गए तो उन्होंने कहा है कि पार्टी को मोदी जी की जरूरत है। निशिकांत दुबे ने कहा, “आज मोदी जी को पार्टी की आवश्यकता नहीं है, आज बीजेपी को उनकी आवश्यकता है। और हम सहमत हों या असहमत हों, राजनीतिक पार्टियां पर्सनैलिटी कल्ट के आधार पर चलती हैं।”

निशिकांत दुबे से आगे उनके ‘पटक-पटक’ के मारेंगे वाले बयान पर भी सवाल पूछे गए। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर अपनी बातों को दोहराते हुए कहा है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे लाट साहब नहीं हैं। उन्होंने कहा, “राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे कोई लाट साहब नहीं हैं। मैं सांसद हूं कानून अपने हाथ में नहीं लेता लेकिन ये लोग जिस किसी भी राज्य में जायेंगे वहां की पब्लिक इनको पटक-पटक कर मारेगी।” गौरतलब है कि बीते दिनों भाषा विवाद पर मचे संग्राम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निशिकांत दुबे ने राज ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा था कि हिम्मत हैं तो वे महाराष्ट्र से बाहर निकल कर देखें।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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