Indore : दिग्विजय बोले-प्रभारी मुख्यमंत्री से कोई सवाल क्यों नहीं पूछ रहा, सोशल मीडिया पर लिखा- इंदौर में हुई मौतों की जांच हाईकोर्ट जज से कराएं

भोपाल। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में गंदा पानी पीने से 20 लोगों की मौत के मामले ने अब सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के फेसबुक पोस्ट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के पत्र ने सरकार और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस ने इसे सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संस्थागत अपराध करार दिया है।

दिग्विजय सिंह का सवाल: प्रभारी मुख्यमंत्री क्यों चुप हैं?
दिग्विजय सिंह ने भावुक लेकिन सख्त शब्दों में लिखा कि इंदौर उनका बचपन का शहर है, राज्य की आर्थिक राजधानी है और देश का सबसे स्वच्छ शहर भी। ऐसे शहर में गंदा पानी पीने से 20 मौतें होना “शहर के माथे पर कलंक” है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक मौतों का आंकड़ा 2–4 रहा, तब तक सिस्टम सोता रहा। जैसे ही मौतें बढ़ीं, जिम्मेदारी की टोपी एक-दूसरे को पहनाई जाने लगी। मंत्री अफसरों पर, अफसर मेयर पर और मेयर व्यवस्था पर दोष डालते रहे।

सीएम हर दूसरे दिन इंदौर आते हैं फिर मुआवजा देकर चुप क्यों
दिग्विजय सिंह ने सीधा सवाल किया कि मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश (प्रभारी मुख्यमंत्री) हर दूसरे दिन इंदौर आते हैं, लेकिन सिर्फ मुआवजा देकर चुप क्यों हो गए? उन्होंने कहा “कुछ ट्रांसफर और मुआवजे से न तो जान लौटती है और न ही शहर का कलंक धुलता है।”

हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक जांच हो। हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए। पब्लिक हियरिंग हो। दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा दी जाए। दिग्विजय का कहना है कि “गलतियों पर पर्दा डालना नहीं, जिम्मेदारी तय करना ही इंसाफ है।जीतू पटवारी का पत्र- सिस्टम फेल, जवाबदेही तय हो
इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले में इंदौर की जनता के नाम पत्र लिखकर इसे प्रशासनिक लापरवाही नहीं, शासन की विफलता बताया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए दुनिया में पहचान रखने वाला इंदौर आज जहरीले पानी से मौतों के कारण शर्मिंदगी का कारण बन गया है।

पटवारी ने पत्र में मांग की

पूरे जल सप्लाई सिस्टम का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
दोषी अफसरों और जिम्मेदार एजेंसियों पर आपराधिक कार्रवाई की जाए।
पीड़ित परिवारों को सिर्फ मुआवजा नहीं, न्याय की गारंटी दी जाए।
नेता प्रतिपक्ष बोले- इंदौर के आठ बार स्वच्छता अवॉर्ड पर संदेह

इंदौर की घटना को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा खुलासा किया है। सिंघार ने बुधवार को देश के सबसे साफ शहर इंदौर का वाटर ऑडिट किया था। इस दौरान पानी की हकीकत पर बनी शॉर्ट फिल्म का आज प्रदर्शन किया गया। सिंघार ने कहा कि इंदौर की घटना की जिम्मेदार जवाबदारी लेने तैयार नहीं हैं। सरकार की नाकामियों ने मां नर्मदा को भी दूषित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम का माहौल बनाकर मुद्दे से भटकाते हैं। इंदौर को 8 बार स्वच्छता के लिए अवॉर्ड मिला इसमें भी गड़बड़ है। कागजों की गड़बड़ी की गई है, मैं जिम्मेदारी से कह सकता हूं इसमें फर्जीवाड़ा हुआ है। प्रशासन की निष्पक्षता ने दम तोड़ दिया, कांग्रेस के नेताओं को पीड़ितों से मिलने से रोका गया। सरकार मौतों के आंकड़े छुपाना चाहती है, क्या मुआवजा राशि छुपाना चाहते हैं?

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