Digvijay Singh बोले- पेट्रोल-डीजल और आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में लीडरशिप का अभाव

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश में बढ़ते आर्थिक संकट और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारत में मौजूदा आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में लीडरशिप क्राइसिस, दूरदर्शी सोच का अभाव और अक्षमता है।

दिग्विजय ने इसे मोदी सरकार द्वारा निर्मित संकट बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा देश की जनता पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बढ़ते दामों के रूप में भुगत रही है।

सोशल मीडिया पर शनिवार सुबह किए गए पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि देश की जनता को यह समझना होगा कि अंतरराष्ट्रीय ईंधन क्राइसिस के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की वजह केंद्र सरकार की नीतियां भी हैं। उन्होंने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से पूरे देश में महंगाई का असर पड़ता है, जिसका असर उद्योगों, किसानों और घरेलू बजट पर आता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि जब संकट शुरू हुआ तब देश को “सब चंगा सी” बताया गया और कांग्रेस के सवालों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए। दिग्विजय ने कहा कि अमेरिकी अनुमति के चलते भारत की संप्रभुता को गिरवी रखने जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

दिग्विजय ने पूछे दो सवाल

दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार से दो सवाल भी पूछे। उन्होंने कहा कि मार्च में रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री देश को ऐसी स्थिति में क्यों ले आए जहां भारत को अनुमति मांगनी पड़ रही है।
उन्होंने दूसरा सवाल पूछते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑइल के दाम कम थे, तब मोदी सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय करों के जरिए 10 साल में ₹43 लाख करोड़ कमाए। अब जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है?



Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

Related Articles