Congress : भाजपा का गो-प्रेम केवल भाषणों तक सीमित: जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज भोपाल में आयोजित पत्रकार-वार्ता में कहा कि गाय माता के नाम पर भारतीय जनता पार्टी और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा किया है। जो लोग खुद को गौ-रक्षक बताते नहीं थकते, वही लोग आज गौ-हत्या, गौ-मांस के व्यापार और उससे जुड़े टैक्स फायदे देने में पूरी तरह शामिल हैं। जब कांग्रेस ने पहले गौ-मांस व्यापार पर सवाल उठाए थे, तब मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हमारा मज़ाक उड़ाते थे और कहते थे कि “जहां गाय का वध नहीं होता, वहां टैक्स की क्या जरूरत है।” लेकिन आज प्रदेश की जनता ने अपनी आंखों से सच्चाई देख ली है।

भोपाल नगर निगम भाजपा के अधीन है और उसी भोपाल में कई टनों में स्लॉटर हाउस में गाय के मांस के अवशेष मिले हैं। इससे यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री जी के दावे झूठे थे और भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। सच्चाई यह है कि गाय के मांस पर 0% टैक्स इसलिए लगाया गया, क्योंकि भाजपा की सोच और भाजपा की सरकार इस पूरे व्यापार में शामिल है। इतना ही नहीं, भाजपा सरकार ने विदेशों में—विशेषकर ओमान जैसे देशों में—ऐसे सर्टिफिकेट जारी किए, जिनमें कहा गया कि आप जैसे प्रकार का मांस चाहते हैं, हम वैसा मांस उपलब्ध कराएंगे, चाहे वह हलाल मांस ही क्यों न हो। यह सब सार्वजनिक डोमेन में है और इसके वीडियो तथा दस्तावेज़ प्रमाण के रूप में मौजूद हैं।

श्री पटवारी ने कहा कि ये लोग न केवल गाय की रक्षा करने में विफल रहे हैं, बल्कि गाय की हत्या और मांस के व्यापार को भी बढ़ावा दे रहे हैं और उस पर शून्य प्रतिशत टैक्स लगाकर मुनाफा कमा रहे हैं। इंदौर नगर निगम भाजपा के नियंत्रण में है, जहां एक ओर ज़हरीले पानी से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं उसी नगर निगम के अंतर्गत आने वाली गौशालाओं में गायें मर रही हैं। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है।

भाजपा गौ-राजनीति करती है, लेकिन उसका असली चेहरा भोपाल के स्लॉटर हाउस और इंदौर की नगर निगम गौशालाओं में साफ दिखाई देता है। ये लोग गाय के नाम पर वोट लेते हैं, लेकिन न तो गाय की रक्षा करते हैं और न ही गौ-माता के सम्मान की कोई चिंता करते हैं, बल्कि मांस के व्यापार से मुनाफा कमाते हैं।

श्री पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से सवाल किया कि वे खुद को किसान-पुत्र कहते हैं, लेकिन ट्रैक्टर चलाने वाला किसान नहीं, ड्राइवर होता है। अगर आप वास्तव में किसान-पुत्र होते, तो मोदी जी की पांच गारंटियां—गेहूं 2800 रुपये, धान 3100 रुपये और सोयाबीन 6000 रुपये—पूरी तरह लागू करते। अगर आप किसानों का दर्द समझते, तो खाद की कमी से किसानों की जान जाने की घटनाएं नहीं होतीं और किसानों को सड़कों पर उतरना नहीं पड़ता।
मुख्यमंत्री मोहन यादव जी 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रहे हैं, लेकिन आज मध्य प्रदेश का किसान उनसे पूछ रहा है कि उसे मिला क्या। ट्रैक्टर चलाने से कोई किसान नहीं बन जाता, ट्रैक्टर तो ड्राइवर भी चला लेता है। किसान वह होता है जो खेत में पसीना बहाता है। कल गौशाला में फोटो खिंचवाते हुए जब मुख्यमंत्री जी ने गाय को चारा खिलाया, तो गाय ने भी खाने से इनकार कर दिया। यह दिखाता है कि प्रदेश में न तो गौ माता और न ही जनता सरकार के दिखावे पर भरोसा कर रही है, जबकि दूसरी ओर गौ-वध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले साल उद्योग और रोजगार वर्ष मनाया था और 32 लाख करोड़ निवेश का दावा किया था, लेकिन सरकारी आंकड़ों के अनुसार केवल 3 प्रतिशत निवेश ही आया और युवाओं को रोजगार नहीं मिला। आज मध्य प्रदेश का किसान हर तरफ से संकट में है। खाद की लाइन में किसानों पर डंडे चल रहे हैं, लाड़ली बहनों को थप्पड़ मारे जा रहे हैं, अतिवृष्टि के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं, फसल बीमा समय पर नहीं मिल रहा है और प्याज, मक्का, सोयाबीन, कपास सहित सभी फसलों के किसान परेशान हैं।

भाजपा केंद्र और राज्य सरकारों ने विदेशों में हलाल मांस और मीट एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया, लेकिन देश के भीतर वही भाजपा गो-नाम पर नफरत और राजनीतिक लाभ पैदा करती है। यही भाजपा का दोहरा चरित्र है।

इंदौर के देपालपुर–  हातोद रेशम केंद्र स्थित नगर निगम गौशाला में 15 गायों की मौत मोहन यादव सरकार की प्रशासनिक विफलता और नैतिक दिवालियापन को उजागर करती है। चारा, पानी और इलाज के अभाव में हुई यह मौतें बताती हैं कि गौशालाएँ केवल काग़ज़ों में चल रही हैं, बजट का दुरुपयोग हो रहा है और जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पूरे मध्य प्रदेश में किसान फसल बचाने के लिए गोवंश को सड़कों पर छोड़ने को मजबूर हैं, दुर्घटनाओं में गायें मर रही हैं, गौशालाएँ क्षमता से बाहर और बदहाल हैं। यह स्थिति भाजपा सरकार की नीतिगत विफलता का प्रमाण है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मांग है कि भोपाल स्लॉटर हाउस में गौ-मांस पकड़े जाने की घटना की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए। इंदौर नगर निगम गौशाला में 15 गायों की मौत की न्यायिक जाँच की जाए। गौ-मांस पर 0% GST के निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए। प्रदेश की सभी गौशालाओं और निर्वासित गोवंश पर श्वेत-पत्र जारी किया जाए। केंद्र सरकार गौ-मांस निर्यात पर देश के सामने सच्चाई रखे और जवाबदेही तय करे।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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