BJP : कौन बनेगा उपराष्ट्रपति? रेस में शामिल हुआ RSS नेता का भी नाम

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उम्मीदवार तय करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी ने संभावित दावेदारों पर चर्चा शुरू की है जिनमें दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान प्रमुख नामों में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में हैं।

आरएसएस विचारक सेशाद्रि चारी का नाम भी चर्चा में है। वहीं, बिहार विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का भी नाम सामने आया है। हालांकि भाजपा नेताओं ने पहले ही संकेत दिया था कि अगला उपराष्ट्रपति पार्टी से होगा और उसकी विचारधारा आरएसएस व भाजपा से गहराई से जुड़ी होगी।

21 जुलाई को तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था, जिससे चुनाव की जरूरत पड़ी। लेकिन सूत्रों का कहना है कि असल वजह उनके और केन्द्र सरकार के बीच बढ़ती अविश्वास की स्थिति रही। बताया जाता है कि धनखड़ ने कई अहम मौकों पर सरकार से इतर रुख अपनाया, खासकर जब न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के महाभियोग मामले में उन्होंने सरकार के पक्ष से सहमति नहीं जताई।

पीएम मोदी और नड्डा लेंगे फैसला
भाजपा नेतृत्व किसी भी तरह की पुनरावृत्ति से बचना चाहता है। एनडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है। पार्टी अगले हफ्ते शीर्ष नेताओं और सहयोगी दलों की बड़ी बैठक बुलाने की तैयारी में है, जो शक्ति प्रदर्शन का भी संकेत होगी। सभी एनडीए सांसदों को मंगलवार को संसदीय दल की बैठक में बुलाया गया है। संसद के ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री मोदी के सांसदों को संबोधित करने की संभावना है।

उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिसमें राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी मतदान करते हैं।संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, मध्यावधि चुनाव की स्थिति में निर्वाचित उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरे पांच वर्षों के लिए होता है। उम्मीदवार के लिए भारत का नागरिक होना, न्यूनतम 35 वर्ष की आयु पूरी करना की योग्यता होना जरूरी है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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