भोपाल। भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी तीन खनन कंपनियों द्वारा स्वीकृति से अधिक खनन करने पर सरकार 443 करोड़ से अधिक की वसूली निकालने जा रही है। कल विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जबाव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से यह लिखित जबाव दिया गया था। आज जब संजय पाठक विधानसभा पहुंचे तो मीडिया से बचते दिखाई दिए।
संजय पाठक से पत्रकारों ने पूछा की क्या उन्हें उनकी कम्पनियों पर लगे जुर्माने को लेकर कोई जानकारी है, तो वे बिना जवाब दिए ही आगे बढ़ गये। कुछ मीडिया वालों ने बाईट भी लेनी चाही तो उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि वे सदन में एक प्रतिवेदन देने आये थे।
असल में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह और हेमंत कटारे की ओर से मंगलवार को यह सवाल लगाया गया था। पूछा गया था कि आशुतोष मनु श्रीवास्तव की शिकायत पर क्या कार्यवाही की है? मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान अवैध खनन से जुड़े कुल 4 सवाल लगाए गए थे। सूत्रों के मुताबिक जांच दल ने उपग्रह डेटा और भारतीय खनन ब्यूरो की रिपोर्टों के आधार पर स्वीकृत मात्रा से अधिक और अवैध खनन की शिकायत को सही पाया गया है।
विधानसभा में सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मोहन यादव कि तरफ से बताया गया कि जबलपुर के सिहोरा में आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स और पैसिफिक एक्सपोर्ट द्वारा स्वीकृत मात्रा से अतिरिक्त खनन करने के बावजूद शासन को 1,000 करोड़ रुपए की राशि जमा नहीं की गई। इसकी शिकायत आशुतोष मनु दीक्षित की ओर से ईओडब्ल्यू में 31 जनवरी 2025 को की गई थी।
शिकायत के आधार पर मप्र खनिज साधन विभाग ने 23 अप्रैल को एक जांच दल गठित किया था। जांच दल ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसमें तीनों खनन कंपनियों पर 443 करोड़ 4 लाख, 86 हजार 890 रुपए की वसूली निकाली गई है। इस राशि पर जीएसटी की वसूली अगल से तय की जाएगी। सरकार ने बताया, जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
सहारा ज़मीनों के फर्जीवाड़े में भी शामिल हैँ विधायक की कम्पनियां और परिजन
असल में सहारा समूह की 310 एकड़ बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त में 72.82 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। हैरानी यह है कि 310 एकड़ जमीन का बाजार मूल्य करीब 1000 करोड़ था। उसे पहले 90 करोड़ रुपए में बेचा। इसमें भी 72.82 करोड़ का गबन ही कर लिया गया। इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष (ईओडब्ल्यू) ने एफआईआर दर्ज की थी।
ईओडब्ल्यू ने सहारा के तीन प्रमुख अधिकारियों सहारा प्रमुख सुब्रता रॉय के भाई जेबी रॉय, बेटे सीमांतो रॉय और ओपी श्रीवास्तव समेत अन्य पर केस दर्ज किया है। ये जमीनें बिजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की शेयर होल्डिंग कंपनियों के जरिए खरीदी गई हैँ।
सहारा की 310 एकड़ जमीन कौड़ी के भाव खरीदी विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिकर की फर्मों से किया। भोपाल में 110 एकड़ जमीन पाठक की पारिवारिक कर्म सिनाप रियल एस्टेट प्रालि को बेची। फर्म में विधायक की मां निर्मला पाठक और बेटे यश पातक की 50-50% शेयर हैं। कटनी और जबलपुर में सहारा की करीब 200 एकड़ जमीन थी। इसका सौदा भी मेसर्स नामसा देवबिल्ड प्राप्ति से किया। इस फर्म में भी निर्मला पाठक और यश 50 50% के शेयर होल्डर हैं।
