भोपाल। मध्य प्रदेश के बजट में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग क़ो खासा महत्व दिया गया है। पंचायत विभाग के बजट में 12 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसे 32329 करोड़ से बढ़ा कर 400062 करोड़ कर दिया गया है। ये सरकार के ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
पंचायत ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने आज विधानसभा में बजट पेश होने के बाद अपने निज निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में विभागीय बजट प्रावधानों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। श्री पटेल ने बजट को संतुलित, दूरदर्शी एवं विकासोन्मुख बताते हुए कहा कि सरकार का प्रमुख उद्देश्य किसानों को मजबूत बनाना है, इसलिए यह वर्ष किसानों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है तथा उनके विभागों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।
मंत्री श्री पटेल ने बताया कि कृषि क्षेत्र को इस बार बजट में 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान मिला है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 40 हजार 62 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। श्रम विभाग के अंतर्गत संबल योजना के लिए इस बार 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि डायरेक्ट सेस से 900 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं तथा 3400 करोड़ रुपये एफडी में जमा हैं, जिन पर 218 करोड़ रुपये का ब्याज अर्जित हुआ है।
उन्होंने जानकारी दी कि जी राम जी योजना के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़कों, पुल-पुलियों एवं 12 माह चलने वाले पुलों का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6 हजार 850 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में 11 लाख 66 हजार आवासों का निर्माण कार्य जारी है तथा अगले वर्ष लगभग पौने 8 लाख नए आवास बनाए जाएंगे।
मंत्री श्री पटेल ने बताया कि जनमन योजना में प्रदेश देशभर में प्रथम स्थान पर है। इस योजना के लिए 600 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं और इसे मार्च तक पूर्ण किया जाएगा। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसकी राशि आगामी समय में बढ़ेगी और इस योजना पर कुल 22 हजार करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि श्रमोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी तथा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त “यशोदा योजना” नाम से नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत टेट्रा पैक के माध्यम से दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्री श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट ग्रामीण विकास, श्रमिक कल्याण एवं किसानों की समृद्धि को नई गति प्रदान करेगा।
