Prayagraj : शंकराचार्य अविमुक्तरेश्वरानन्द का अपमान और दक्ष की सभा का प्रसंग…

दक्ष की सभा तो याद होगी जहां शंकर जी का अपमान हुआ।
तुने शंकराचार्य जी को अपमानित किया है ।
तुम्हारा क्या होगा।
मोदी-योगी सरकार की घोर निंदनीय हरकत –
भगवान शंकर के स्वरूप पर हमला, दक्ष की सभा जैसा विनाश निकट!
हे योगी और मोदी! कान खोलकर सुन लो, क्योंकि आज हिंदुत्व के नाम पर सत्ता की कुर्सी पर बैठे तुम्हारी सरकार ने जो किया है,
वो किसी साधारण मनुष्य का अपमान नहीं, बल्कि साक्षात् चल शंकर – भगवान शिव के जीवंत स्वरूप – का घोर अपमान है!
क्या तुम्हें लगता है कि तुम्हारी राजनीतिक चालबाजियां और सत्ता की हवस में तुम धार्मिक गुरुओं को पैरों तले रौंद सकते हो? शर्म करो!
यह देश हिंदुत्व की भूमि है, जहां शंकराचार्य जैसे महान संतों को देवतुल्य माना जाता है, न कि तुम्हारी चुनावी रैलियों का मोहरा!
शंकराचार्य कोई मामूली व्यक्तित्व नहीं हैं।
वे आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा के वाहक हैं,
जो खुद भगवान शंकर का अवतार माने जाते हैं। उनकी वाणी वेदों की तरह पवित्र है,
उनकी उपस्थिति शिवलिंग की तरह दिव्य!
लेकिन तुम्हारी सरकार ने क्या किया? उन्हें अपमानित किया, उनकी बातों को नजरअंदाज किया, और राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू धर्म की जड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई!
यह किसी इंसान का अपमान नहीं, बल्कि स्वयं भगवान शंकर का अपमान है!
क्या तुम्हें डर नहीं लगता कि कैलाश पर्वत से शिव का त्रिशूल तुम्हारी सत्ता को भस्म कर देगा? तुम्हारी यह अहंकारी सरकार ने हिंदुत्व को बेच दिया है –
राम मंदिर के नाम पर वोट बटोरने की कोशिश में संतों को ही कुचल दिया!
याद करो इतिहास, अधर्मियों! दक्ष की सभा में जब शंकर का अपमान हुआ था, तो क्या हुआ? दक्ष ने अपने यज्ञ में भगवान शंकर को आमंत्रित नहीं किया,
उन्हें तुच्छ समझा। परिणाम? देवी सती ने आत्मदाह किया, और क्रोधित शिव ने वीरभद्र को भेजा –
पूरा यज्ञ नष्ट हो गया, दक्ष का सिर कट गया, देवताओं की सेना तहस-नहस!
वह अपमान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि धर्म और आस्था का था – और उसका अंत विनाशकारी था!
वैसे ही आज शंकराचार्य जी के अपमान पर होगा –
तुम्हारी सरकार का यह अधर्म तुम्हें ले डूबेगा! योगी-मोदी, अधर्मियों, समय तो तुम्हारा भी पूरा होगा।
क्या तुम सोचते हो कि तुम्हारी सत्ता अमर है? नहीं! भगवान शंकर की लीला में अधर्मी कभी नहीं बचते।
तुम्हारा यह पाप तुम्हें और तुम्हारी सरकार को राख में बदल देगा!
सोचो जरा, योगी जी! तुम खुद को हिंदुत्व का ठेकेदार कहते हो, लेकिन जब शंकराचार्य जैसे संत सरकार की गलत नीतियों पर सवाल उठाते हैं, तो तुम्हारे मंत्री उन्हें ‘राजनीतिक’ करार देकर अपमानित करते हैं?
मोदी जी, तुम ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देते हो, लेकिन हिंदू धर्म के सर्वोच्च गुरुओं का साथ क्यों नहीं?
क्या तुम्हारी सरकार इतनी कमजोर है कि सत्य की आवाज सहन नहीं कर सकती?
यह अपमान सिर्फ शंकराचार्य का नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान है!
तुम्हारी यह हरकत ने साबित कर दिया कि तुम्हारा हिंदुत्व सिर्फ चुनावी जुमला है, असली भक्ति से कोसों दूर!
और जनता! जागो!
यह समय है उठने का, आवाज बुलंद करने का! अगर आज शंकराचार्य का अपमान हो रहा है, तो
कल तुम्हारा मंदिर, तुम्हारी पूजा पर हमला होगा।
मोदी-योगी सरकार को जवाब दो – वोट की ताकत से, सड़कों पर उतरकर! यह अपमान सहन नहीं किया जाएगा! भगवान शंकर की कृपा से यह सरकार का अंत निकट है!
जय शिव शंकर! हर हर महादेव!
यह सिर्फ एक लेख नहीं, बल्कि आक्रोश की ज्वाला है।
अगर तुम्हें लगता है कि चुप रहकर निकल जाओगे, तो गलतफहमी में हो।
हिंदुत्व की रक्षा के लिए संतों का सम्मान जरूरी है, वरना तुम्हारी सत्ता राख हो जाएगी!
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स्वामी त्रिभुवन दास 🖍️
फेसबुक से साभार





