Editorial…. और भारत ने जीत लिया…दुनिया का दिल..!
बधाई… शुभकामनाएं…। एक और खुशी का क्षण…। भारत एक बार फिर विश्व विजेता बना। तेरह साल के सूखे के बाद अचानक हरियाली आई। ऐसी हरियाली कि रात भर पूरे देश में ही नहीं, पूरे विश्व में भारतीयों ने खुशियां मनाईं। आखिर क्यों न मनाएं। हमने टी 20 का विश्व कप जो जीता है। 2011 के बाद आंखें तरस गई थीं कि कोहली या रोहित वल्र्ड कप ट्रॉफी उठाएं। रोहित की टीम ने साउथ अफ्रीका से टी-20 वल्र्ड कप छीन लिया। ऐसा फाइनल जीता, जिसे हर कोई हारा हुआ मान बैठा था। और जीतते ही दोनों शेरों ने टी 20 से संन्यास लेने का ऐलान भी कर दिया। इससे बेहतर कोई अवसर हो भी नहीं सकता था।
पूरे वल्र्ड कप जमकर बल्लेबाजी कर रहे रोहित का बल्ला फाइनल में नहीं चला, तो कोहली ने 76 रन बनाकर अपना विराट स्वरूप दिखा दिया। अक्षर और शिवम ने भी पूरा जोर लगाया। 177 रन का लक्ष्य दे दिया। साउथ अफ्रीका बल्लेबाजी के लिए उतरी। 14 ओवर तक तक उनके बल्लेबाज तेजी से जीत की तरफ बढ़ रहे थे। इसके बाद जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या गेंदबाजी के लिए लौटे और इंडिया की मैच में वापसी हुई। सूर्यकुमार यादव रन नहीं बना पाए थे, लेकिन एक कैच से मैच पलटते हुए फिर हीरो बन गए। इस कैच को ही इस मैच का टर्निंग पाइंट कहा जा रहा है।
जीत का जज्बा पूरी टीम में दिख रहा था। मैच देखने और सुनने वालों की धडक़नें बढ़ रही थीं। जो जज्बा कई बार हम आखिरी दौर में खो देते रहे, आज वो जज्बा बरकरार था। रोहित और उसकी टीम आखिरी ओवर तक लड़ती रही और जीत को अफ्रीका के जबड़े से निकाल लाई। हार्दिक का अंतिम ओवर। एक गेंद वाइड। फिर दिल बैठने लगा। लेकिन अंतिम दो गेंदों में वाउंड्री नहीं लगने दी। 177 रन चेज कर रही साउथ अफ्रीका को 169 पर रोक दिया। 7 रन से हरा दिया। 32 साल से चोकर्स कही जा रही साउथ अफ्रीका इस बार फाइनल तक एक भी मैच नहीं हारी। ऐसा ही पिछली बार भारत के साथ हुआ था। पिछली बार हम आखिर में हारे, इस बार दक्षिण अफ्रीका को यह झटका झेलना पड़ा। कोशिश में कमी उसने भी नहीं छोड़ी।
विराट कोहली पिछले मैचों में नहीं चले तो रोहित ने कहा, उन्हें हमने अंतिम मैच के लिए छोड़ रखा है। और रोहित के बोल जैसे भविष्यवाणी बन गए। विराट ने धमाकेदार 76 रन की पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। वहीं, इस मैच 2 विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। बुमराह इस सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज रहे। रोहित शर्मा टी-20 वल्र्ड कप जीतने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान बने हैं। उन्होंने 37 साल 60 दिन की उम्र में खिताब जीता।
भारत ने पिछली बार 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। वहीं, 2007 के बाद पहली बार भारत ने टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है। टीम इंडिया की इस जीत में वैसे तो कई मैच विजेता रहे, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा का किरदार सबसे अहम रहा। टीम चयन से लेकर चैंपियन बनने तक रोहित ने फ्रंट से टीम को लीड किया।
न सिर्फ कप्तानी में अहम फैसले लेने में, बल्कि खुद आगे बढक़र रन बनाने में भी हिटमैन अव्वल रहे। बतौर कप्तान वह टीम इंडिया के चैंपियन बनने में नायक रहे हैं। रोहित की कप्तानी में पिछले आठ महीने में टीम इंडिया दो आईसीसी विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। इस दौरान भारतीय टीम ने 19 में से 18 मैच जीते हैं। सिर्फ एक मैच जो टीम इंडिया हारी है, वह है 2023 वनडे विश्व कप का फाइनल। यानी रोहित की कप्तानी में दोनों आईसीसी टूर्नामेंट में भारत ने कुल 95 फीसदी मैच अपने नाम किया है। ऐसे में रोहित इस जीत के पीछे असली हीरो रहे हैं।
पिछले एक साल में भारत ने तीन आईसीसी टूर्नामेंट का फाइनल खेला है। इनमें 2023 वनडे विश्व कप और 2024 टी20 विश्व कप के अलावा 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल शामिल है। रोहित टेस्ट, वनडे और टी20 को मिलाकर आईसीसी फाइनल में कप्तानी करने वाले सिर्फ दूसरे कप्तान हैं। रोहित से पहले न्यूजीलैंड के केन विलियम्सन ने ऐसा किया है। हालांकि, विलियम्सन ने भी ऐसा कई वर्षों के अंतराल पर किया था। वहीं, रोहित शर्मा ने पिछले एक साल के अंदर अलग-अलग प्रारूपों के आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में टीम इंडिया को पहुंचाया है। पिछले दो फाइनल में तो वह कामयाब नहीं हो पाए, लेकिन इस बार टी20 में उन्होंने भारतीय टीम को चैंपियन बना दिया। इस जीत में अगर कप्तान की कप्तानी रही, तो विराट और अक्षर की बल्लेबाजी रही। बुमराह, हार्दिक की गेंदबाजी रही। सूर्या का कैच रहा। और बाकी खिलाडिय़ों की भी अहम भूमिका रही। लेकिन परदे के पीछे राहुल द्रविड़ की भूमिका को भी कम नहीं आंका जा सकता। जब अफ्रीकी बल्लेबाज हावी होते दिखे, द्रविड़ बाहर निकले और फिर जो कमाल हुआ, पूरी दुनिया ने देखा। द्रविड़ की भी कोच के बतौर यह अंतिम पारी थी, पर एक और सपना पूरा करके वह जा रहे हैं।
रोहित और विराट के साथ ही द्रविड़ भले ही जा रहे हैं, लेकिन हमारे पास अभी बेहतरीन से बेहतरीन युवाओं की फौज है। जैसे गावस्कर, सचिन, गांगुली, युवराज, धोनी के बार रोहित और विराट आए, अभी हमारे पास हार्दिक, सूर्या, बुमराह, अक्षर, यशस्वी और एसे खिलाडिय़ों की लंबी कतार है, जो हमें फिर से किसी भी फार्मेट में विश्व कप दिला सकते हैं। दिलाएंगे। भरोसा रखें। फिलहाल टी20 विश्व विजेता टीम और हर भारतीय को बधाई।
जय हिंद। जय भारत।
– संजय सक्सेना




