क्या शरद पवार की एनसीपी (एसपी) एनडीए में जाएगी? जयंत पाटिल-तावड़े मुलाकात के बाद अटकलों का बाजार गर्म

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। इसकी वजह पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मुलाकात को माना जा रहा है। हालांकि भाजपा और एनसीपी (एसपी) दोनों के नेताओं ने किसी भी तरह की राजनीतिक बातचीत या गठबंधन की संभावना से इनकार किया है।
जयंत पाटिल ने क्या कहा?
जयंत पाटिल ने स्पष्ट किया कि उनकी विनोद तावड़े से मुलाकात पूरी तरह संयोगवश हुई थी। उनके अनुसार, वे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्यों से मिलने मुंबई के एक होटल पहुंचे थे, जहां कॉफी के दौरान तावड़े से मुलाकात हो गई। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच किसी भी राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं हुई।
भाजपा ने भी अटकलों को किया खारिज
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने दिल्ली में कहा कि भाजपा शरद पवार की पार्टी में कोई टूट कराने की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि एनसीपी (एसपी) के विधायक या सांसदों को एनडीए में लाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा और फिलहाल महाराष्ट्र में किसी नई पार्टी के एनडीए में शामिल होने का सवाल नहीं है।
भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने भी फड़णवीस के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट कर दी है, इसलिए अटकलों पर विराम लग जाना चाहिए।
अटकलें क्यों तेज हुईं?
हाल के दिनों में यह चर्चा रही कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं। इसी बीच ऐसी खबरें भी सामने आईं कि एनसीपी (एसपी) के नेताओं को भी एनडीए सहयोगियों की ओर से प्रस्ताव मिल सकते हैं।
इन चर्चाओं को तब और हवा मिली जब पार्टी सांसद अमोल कोल्हे ने कहा कि यदि महायुति की ओर से कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर विचार किया जा सकता है। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।
सूत्रों का दावा क्या है?
कुछ सूत्रों का दावा है कि एनसीपी (एसपी) की ओर से संभावित राजनीतिक समझौते के तहत सुप्रिया सुले के लिए केंद्र सरकार में मंत्री पद और महाराष्ट्र सरकार में जयंत पाटिल व जितेंद्र आव्हाड के लिए मंत्री पदों की मांग की गई है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कुछ जनप्रतिनिधि सत्ता के साथ रहने को राजनीतिक और विकास कार्यों के लिहाज से बेहतर विकल्प मानते हैं। लेकिन यह केवल सूत्रों के दावे हैं, जिनकी पुष्टि किसी पक्ष ने नहीं की है।
एनसीपी (एसपी) का आधिकारिक रुख
जयंत पाटिल, सुप्रिया सुले और विधायक रोहित पवार ने एनडीए में शामिल होने या किसी तरह की गठबंधन वार्ता की खबरों का स्पष्ट खंडन किया है। उनका कहना है कि पार्टी के भाजपा या महायुति के साथ जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
निष्कर्ष
फिलहाल एनसीपी (एसपी) के एनडीए में शामिल होने की चर्चाएं केवल राजनीतिक अटकलों और सूत्रों के दावों पर आधारित हैं। भाजपा और शरद पवार गुट—दोनों ने सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी भी राजनीतिक समझौते से इनकार किया है। ऐसे में जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, इन चर्चाओं को पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।

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