कोलकाता। कोलकाता में चुनाव आयोग ऑफिस (ECO) के बाहर मंगलवार को भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, TMC समर्थित बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) का एक ग्रुप वोटर लिस्ट में हेरफेर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव किया।
इससे वहां खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। बाद में भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां झंडा लेकर पहुंच गए। इसके बाद TMC प्रदर्शनकारियों की पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई। पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया गया।
इधर बंगाल की CM ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध वोटरों को बंगाल के वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है। ममता ने X पर एक पोस्ट में कहा- भाजपा के एजेंटों को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में हजारों फर्जी फॉर्म 6 आवेदन जमा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है।
महुआ मोइत्रा का आरोप- BJP बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ रही
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव आयोग भाजपा से हजारों की संख्या में फॉर्म 6 स्वीकार कर रहे हैं ताकि राज्य के बाहर के लोगों को चुनाव में धांधली करने के लिए शामिल किया जा सके। आज उन्होंने मुर्शिदाबाद, मेदिनीपुर और उत्तर 24 परगना में सूचियों में नाम जोड़ने की कोशिश की। हम भाजपा और चुनाव आयोग को चोरी करने नहीं देंगे।
ममता का EC को लेटर, लिखा- BJP वोटर हाईजैकिंग की साजिश कर रही
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर भाजपा पर ‘वोटर हाईजैकिंग’ की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में फर्जी फॉर्म-6 आवेदन देकर बाहरी लोगों को मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिश हो रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस और विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन जमा किए जा रहे हैं, जो सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं लगते। उनके मुताबिक, यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहां 60 लाख से ज्यादा असली मतदाता आवेदन लंबित हैं, वहीं फर्जी आवेदनों को तेजी से निपटाया जा रहा है। साथ ही SIR प्रक्रिया में खामियों के कारण 200 से अधिक लोगों की मौत का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और अंतिम मतदाता सूची (28 फरवरी 2026) के बाद किसी भी फर्जी नाम को जोड़ने से रोकने की मांग की है।
