UP: बरेली सिटी मजिस्ट्रेट ने शंकराचार्य मुद्दे पर दिया इस्तीफ़ा..? राजनीति में मची हलचल…

लखनऊ। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी और राजनीति में हलचल मचा दी। अलंकार ने अपने दफ्तर में कुर्सी के पीछे लगे बोर्ड पर अपने नाम के आगे खुद ‘रिजाइन’ लिखा और अपने आवास के गेट के बाहर हाथ से लिखा एक पोस्टर लेकर खड़े हो गए।

यूजीसी के नए नियमों और माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अपमान के खिलाफ अपने पद से इस्तीफा देकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूपी की ब्यूरोक्रेसी और राजनीति में हलचल मचा दी। अलंकार ने अपने दफ्तर में कुर्सी के पीछे लगे बोर्ड पर अपने नाम के आगे खुद ‘रिजाइन’ लिखा और अपने आवास के गेट के बाहर हाथ से लिखा एक पोस्टर लेकर खड़े हो गए। इस पोस्टर पर लिखा था-# UGC_ROLLBACK काला कानून वापस लो, शंकराचार्य और संतों का यह अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान- # BOYCOTT_BJP, #BOYCOTT_BRAHMAN_MPMLA लिखा था। इसके साथ ही अलंकार अग्निहोत्री ने पांच पन्ने के इस्तीफे में अपना गुस्सा बयां किया है। उनके इस अप्रत्याशित कदम को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ गई है। वहीं उनकी ये दोनों तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं।

इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि कहा कि पिछले दो सप्ताह में दो बहुत ही बड़े निदंनीय कृत्य और घटनाक्रम हुए हैं। इसमें पहला घटनाक्रम है प्रयागराज माघ मेले का जहां ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के साथ मौनी अमावस्या पर संगम स्नान को जा रहे बटुक ब्राह्मणों को चोटी खींचकर पटक-पटककर मारा गया। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन ने जो भी कार्रवाई की वो बहुत ही निंदनीय थी। उसके उपरांत वहां कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। ब्राह्मणों के लिए चोटी या शिखा का बहुत महत्व होता है। स्वयं मैं एक ब्राह्मण अधिकारी हूं। मेरे लिए यह बहुत ही आपत्तिजनक है। एक साधारण ब्राह्मण इस तरह के दृश्य को देखेगा जिस तरह के वीडियो आए हैं उन्हें देखकर ब्राह्मणों की रूह कांप जाएगी जिस तरह से बटुक ब्राह्मणों को चोटी से घसीटकर लिटाकर मारा जा रहा है।

दूसरा केंद्र सरकार के द्वारा जो भारत सरकार का जो गजट प्रकाशित हुआ है 13 जनवरी 2026 को, यूजीसी रेगुलेशन्स-2026 में जिस तरह के प्रावधान आए हैं उसमें सामान्य वर्ग को स्वघोषित अपराधी मानते हुए एक वर्ग विशेष के लिए जिस तरह के प्रावधान किए गए हैं वो बहुत निंदनीय है। इससे सामान्य वर्ग, खासकर ब्राह्मणों में बहुत रोष है। जिस तरीके से यह भेदभाव वाला यूजीसी रेगुलेशन एक्ट है उससे आने वाले समय में आंतरिक संकट, खींचातानी, फर्जी शिकायतें आने लगेंगी। यह भी हो सकता है कि जो समता समितियां बन रही हैं उनके जरिए हमारे बेटे-बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा सकता है।

ब्यूरोक्रेसी और सियासी गलियारों में खलबली
यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आई हुई है। इसी बीच गणतंत्र दिवस के दिन बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। इससे यूपी की ब्यूरोक्रेसी और सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। यूजीसी रेगुलेशन्स को लेकर एक नई बहस खड़ी हो गई है। बड़ी तादाद में लोग इस पर अपने-अपने ढंग से प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।

screenshot 20260126 2028412698540884764863753

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

Related Articles