केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के चौथे निजी सचिव भी तत्काल प्रभाव से ‘बर्खास्त’, हद से ज्यादा दखलअंदाजी का नतीजा?
नई दिल्ली: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। उनके चार करीबी निजी स्टाफ सदस्यों को अचानक हटा दिया गया है। इनमें सबसे ताजा नाम अतिरिक्त निजी सचिव (APS) सिद्धार्थ यादव का है। लगातार चार अधिकारियों की विदाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थ यादव ने 1 जुलाई 2024 को भूपेंद्र यादव के अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्हें अब तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।
किन अधिकारियों को हटाया गया?
हाल के आदेशों में जिन चार अधिकारियों को हटाया गया है, उनमें शामिल हैं:अतिरिक्त निजी सचिव सिद्धार्थ यादव, निजी सचिव अमर सिंह, अतिरिक्त निजी सचिव शैलेश कुमार सिंह, अतिरिक्त निजी सचिव आयुष सरन।
बताया जा रहा है कि अमर सिंह, शैलेश कुमार सिंह और आयुष सरन भूपेंद्र यादव के साथ उस समय से जुड़े थे, जब वे श्रम एवं रोजगार मंत्री थे। इनके तबादले और हटाने के आदेश कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने जारी किए।
कार्रवाई की वजह पर सरकार ने कुछ नहीं कहा
केंद्र सरकार ने अब तक इन तबादलों के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक कुछ गंभीर शिकायतें पहुंचने के बाद यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों के पास निर्णय लेने का दायरा जरूरत से अधिक बढ़ गया था और कुछ मामलों में उनके कामकाज को अधिकार-सीमा से बाहर माना गया। इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भूपेंद्र यादव की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया
इन घटनाक्रमों पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने फिलहाल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। मंगलवार को वे दिल्ली सरकार के 70 लाख पेड़ लगाने के अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच साझा करते नजर आए थे।
फिलहाल इस पूरे मामले में सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और हटाए गए अधिकारियों के स्थान पर नई नियुक्तियों का इंतजार है।



