Court : बिल्डर-बैंक गठजोड़ पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, CBI को 6 और केस दर्ज करने की इजाजत

नई दिल्ली। घर खरीदने वालों को धोखा देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों और बैंकों के बीच ‘अवैध गठजोड़’ से जुड़े 6 और मामलों में सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर जांच करने की अनुमति दे दी है। ये दिल्ली-एनसीआर के अलावा मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज के हैं।
यह पूरा मामला सबवेंशन स्कीम से जुड़ा है। इस स्कीम के तहत, बैंक बिल्डर को सीधे फ्लैट का पैसा देते हैं और फ्लैट खरीदारों को तब तक EMI नहीं भरनी पड़ती, जब तक कि उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं मिल जाता। लेकिन कई बिल्डर इस नियम का उल्लंघन कर रहे थे। बिल्डरों ने EMI देना बंद कर दिया, जिसके बाद बैंक घर खरीदारों से EMI की मांग करने लगे। दिल्ली-एनसीआर के 1,200 से ज्यादा घर खरीदारों ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को इसकी जांच करने का आदेश दिया।
एनसीआर के बाहर भी फैला था जाल
सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के बाहर भी कई बिल्डर प्रोजेक्ट्स की शुरुआती जांच पूरी कर ली है और उन्हें वहां भी धोखाधड़ी के सबूत मिले हैं। सीबीआई के मुताबिक, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज में कई बिल्डर और बैंक इस नापाक गठजोड़ में शामिल थे।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया है। इससे पहले 22 जुलाई को कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के बिल्डरों के खिलाफ 22 मामलों में CBI को FIR दर्ज करने की इजाजत दी थी। उन मामलों में भी बिल्डरों और बैंकों की मिलीभगत से घर खरीदारों को चूना लगाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिल्डर, बैंक और यहां तक कि कुछ सरकारी अधिकारी भी मिलकर लोगों को धोखा दे रहे हैं। कोर्ट ने CBI को इन मामलों में तेजी से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।





