Supreme Court – कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती, SIR के हो सकते हैं गंभीर परिणाम, 7 दस्तावेज तय फिर 11 क्यों मांग रहे हैँ..?

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होते। कोर्ट ने कहा ‘कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती।’
चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बैंच बिहार समेत विभिन्न राज्यों में SIR की प्रक्रिया के विरोध में लगाई गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने दलीलें रखीं।

जस्टिस बागची ने दस्तावेजों की सूची का जिक्र करते हुए कहा कि जहां फॉर्म-6 में 7 दस्तावेज तय हैं, वहीं SIR प्रक्रिया में 11 दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या आयोग मनमाने ढंग से दस्तावेज जोड़-घटा सकता है। मामले की आगे की सुनवाई गुरुवार को होगी।

कोर्टरूम लाइव

CJI: अगर वोटर लिस्ट से किसी का नाम कटता है, तो उसके गंभीर नागरिक नतीजे होते हैं। ऐसे मामलों में प्रक्रिया नियमों के मुताबिक क्यों न हो?
जस्टिस बागची: कोई भी शक्ति पूरी तरह खुली नहीं हो सकती। चुनाव आयोग भी बिना रोक-टोक के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
EC की तरफ से वकील राकेश द्विवेदी: धारा 21(3) चुनाव आयोग को एक अलग और स्वतंत्र शक्ति देती है। यह सामान्य संशोधन से अलग है।
CJI: अगर धारा 21(2) में नियमों का पालन जरूरी है, तो 21(3) में आयोग खुद को अपनी ही प्रक्रिया से कैसे बाहर कर सकता है?
जस्टिस बागची:फॉर्म-6 में 7 दस्तावेज मांगे जाते हैं, लेकिन SIR में 11 दस्तावेज क्यों? क्या आयोग मनमाने ढंग से दस्तावेज जोड़-घटा सकता है?
द्विवेदी: कानून आयोग को कुछ लचीलापन देता है। लेकिन हम मनमानी नहीं कर सकते। हमें कोर्ट को दिखाना होगा कि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी है।

CJI: मतदान का अधिकार संविधान से जुड़ा है। कोई भी प्रक्रिया संविधान के खिलाफ नहीं हो सकती।
जस्टिस बागची:फिर दोहराता हूं, कोई भी शक्ति निरंकुश नहीं हो सकती।
द्विवेदी: हम संविधान के अनुच्छेद 326 का पूरी तरह पालन करेंगे। चुनाव आयोग तानाशाही तरीके से काम नहीं कर सकता।
कोर्ट: मामले की सुनवाई पूरी नहीं हुई। सुनवाई गुरुवार को फिर जारी रहेगी।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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