अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। गुरुवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राम जन्मभूमि परिसर के एक बंद कमरे में ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ की। वहीं, ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को कमरे के बाहर बैठाया गया।
इससे पहले रविवार को ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई थी। अब SIT उनके बयानों का मिलान कर रही है और आरोपी लवकुश मिश्रा तथा अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
अविनाश शुक्ला पुलिस रिमांड पर
SIT गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे राम मंदिर पहुंची। इससे पहले भी टीम 15 से 20 जून के बीच जांच कर चुकी थी। उधर, पुलिस ने जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की रिमांड पर लिया है। अविनाश मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम करता था। उसके घर से राम मंदिर का एक संदूक, करीब 20 लाख रुपये नकद, 1,000 से अधिक अमेरिकी डॉलर और आभूषण बरामद होने का दावा किया गया है।
आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने नियमों के उल्लंघन वाले मकानों की पहचान की है। लवकुश मिश्रा के शहादतगंज स्थित मकान और अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित मकान पर कार्रवाई हो सकती है। ADA ने लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को नोटिस भी जारी किया है।
ट्रस्ट के भीतर आरोप-प्रत्यारोप
मामले को लेकर ट्रस्ट के सदस्यों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर निशाना साधते हुए कहा कि “पूरी गलती गोपाल राव की है। वे राजनीति कर रहे हैं और सभी को उलझा देते हैं। वे राम की परंपरा नहीं मानते।”
500 से अधिक वकीलों का प्रदर्शन
गुरुवार सुबह अयोध्या में 500 से अधिक वकीलों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारी सिविल लाइन चौकी पहुंचे और पुलिस को शिकायत सौंपी।
अब तक क्या-क्या हुआ?
7 जून को चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार सामने आया।
13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया।
25 जून को FIR दर्ज की गई।
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसी दिन ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया।
मामले की जांच जारी है और SIT ट्रस्ट पदाधिकारियों की संभावित भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।