होर्मुज को खुला रखने के लिए क्वाड देश एकजुट

नई दिल्ली। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह Quadrilateral Security Dialogue ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एक बड़ा रणनीतिक संदेश दिया है। समूह ने साफ कहा है कि Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों पर किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में माना जाता है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में किसी भी तनाव का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार, ईंधन कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

क्वाड का मुख्य संदेश
अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को अधिक सुरक्षित और विविध बनाया जाएगा।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाया जाएगा।
वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर और पारदर्शी रखने पर जोर दिया गया।

छोटे और विकासशील देशों पर विशेष फोकस
क्वाड देशों ने प्रशांत और दक्षिण एशिया के छोटे तथा विकासशील देशों की ऊर्जा जरूरतों को भी प्राथमिकता दी है।
Japan ने “पावर एशिया” कार्यक्रम के जरिए एशिया में ऊर्जा स्थिरता बढ़ाने की पहल दोहराई।
India ने दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों को ऊर्जा सुरक्षा सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
Australia ने दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए 2 अरब डॉलर के निवेश कोष, आसियान पावर ग्रिड सहयोग और Fiji को आर्थिक सहायता की घोषणा की।

‘क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम’ क्यों अहम?
चारों देशों ने मिलकर “क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम” बनाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य होगा:
सामरिक तेल भंडार मजबूत करना
ऊर्जा संकट की स्थिति में संयुक्त तैयारी
तकनीक और बाजार विश्लेषण साझा करना
आपातकालीन ऊर्जा आपूर्ति तंत्र विकसित करना
समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा बढ़ाना

भारत के लिए इसका क्या मतलब?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और पश्चिम एशिया से आने वाला तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तनाव का असर भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतों, महंगाई और व्यापार पर पड़ सकता है।
क्वाड का यह संयुक्त रुख भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा और व्यापार सुरक्षा को लेकर साझा सहयोग मजबूत होगा।

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