CBI: IRS अधिकारी के खिलाफ   बड़ी कार्रवाई, 7 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति की अटैच

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1999 बैच के सीनियर IRS अधिकारी और आयकर विभाग के पूर्व अधिकारी रह चुके अमित निगम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है.

भ्रष्टाचार मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज ने सोमवार (2 जून, 2025) को एक आदेश जारी कर पूर्व अधिकारी के 14 संपत्तियों को अड-इंटरिम तौर पर अटैच करने के निर्देश दिए. सीबीआई ने जिन संपत्तियों पर कार्रवाई की, वे सभी तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर इनकम टैक्स अमित निगम की बताई जा रही हैं, जो अब सीबीआई की जांच के घेरे में है.


आय से अधिक संपत्ति का दर्ज किया गया था मामला
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 22 सितंबर, 2022 को आयकर विभाग के पूर्व अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्तियों के मामले में केस दर्ज किया था. पूर्व आईआरएस अधिकारी अमित निगम के खिलाफ आरोप हैं कि 1 जनवरी, 2008 से 30 जून, 2018 के बीच जब अमित निगम डिप्टी कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर और फिर एडिशनल कमिश्नर के पदों पर तैनात थे, तब उन्होंने नई दिल्ली, मुरादाबाद, लखनऊ समेत कई जगहों पर अपनी आमदनी से कहीं ज्यादा की संपत्ति जमा कर ली थी.

सीबीआई की जांच में सामने आया कि अधिकारी और उसके परिवार के पास कुल 14 अचल संपत्तियां है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में है. ये संपत्तियां उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, लखनऊ, हरदोई, बाराबंकी जिले के अलावा और गोवा में भी स्थित हैं. इन सभी को अब कोर्ट के आदेश के बाद अटैच कर दिया गया है.
सीबीआई की जांच के मुताबिक इनकम टैक्स अधिकारी ने लगभग 7.52 करोड़ की संपत्ति अपनी आमदनी से ज्यादा तरीके से बनाई, जिसके बारे में वो कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए. फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूर्व आयकर अधिकारी ने ये संपत्तियां कैसे और किन स्रोतों से खरीदीं.

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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