नई दिल्ली। कांग्रेस नेता वी डी सतीशन (61) केरलम के सीएम होंगे। कांग्रेस ने गुरुवार को राज्य के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद इसका ऐलान किया। सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं।
कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम में 7 मई को मीटिंग की थी। पार्टी अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी से चर्चा के बाद तय किया गया कि केरलम CM वीडी सतीशन होंगे।
नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन ने कहा- मैं इस पद को निजी उपलब्धि नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा।
दरअसल, केरलम के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नेताओं केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्नीथला और वी डी सतीशन के नाम चर्चा में थे। आखिर में सतीशन के नाम पर मुहर लगी।
सीएम के लिए 3 नेताओं का नाम था, सतीशन चुने गए
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था। रिजल्ट के बाद केरलम कांग्रेस लंबे समय से अलग-अलग गुटों में बंटी रही। एक धड़ा सतीशन के समर्थन में था, जिन्हें नई पीढ़ी और आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है।
दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और चेन्निथला के पक्ष में था। दावा किया जा रहा था कि ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में थे। वेणुगोपाल को केंद्रीय नेतृत्व के करीबी नेता माना जाता है, जबकि सतीशन का मजबूत जनाधार था। वेणुगोपाल को सीएम न बनाने के लिए पोस्टर भी लगाए गए थे।
कांग्रेस समर्थकों ने सतीशन के सीएम बनाने के समर्थन में वायनाड में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें लिखा था- राहुल और प्रियंका वायनाड को भूल जाओ, यहां फिर नहीं जीतोगे। वायनाड अगला अमेठी होगा। समर्थकों हाईकमान को चेताया है कि केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया, तो ठीक नहीं होगा।
सतीशन के नाम का ऐलान होने पर किसने क्या कहा…
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने स्थिति और फैसला लेने की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने मुझे बुलाया मेरी राय पूछी। मैं विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे इतना समर्थन दिया। आखिरकार पार्टी ने एक फैसला लिया और एक सच्चे कांग्रेसी के तौर पर हम सब पार्टी के फैसले के साथ हैं।
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन
हाईकमान ने एक बेहद ऊर्जावान और सही फैसला लिया है। केरल के लोगों की भावना-इच्छा को स्वीकार किया। केरल के विपक्ष के नेता के तौर पर वीडी सतीशन ने 10 साल पुराने एलडीएफ शासन के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी और बड़ी जीत हासिल की।
कांग्रेस विधायक राधाकृष्णन
कोट्टायम से विधायक राधाकृष्णन ने हाईकमान ने सभी पक्षों की राय सुनी और इस पूरी प्रक्रिया में राहुल सीधे तौर पर शामिल थे। चुनाव के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई थी। जब कई नाम सामने हों तो नेता चुनने को लेकर भ्रम की स्थिति बनना स्वाभाविक है।
