Jaipur फर्जी पट्टा घोटाला: हेरिटेज नगर निगम की सचिव हंसा मीणा समेत 4 अफसर सस्पेंड

जयपुर। जयपुर में करोड़ों की सरकारी जमीन को लेकर फर्जी पट्टे जारी करने के मामले में नगर निगम हेरिटेज के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। स्वायत्त शासन विभाग ने बुधवार को यह कार्रवाई करते हुए पूर्व लैंड उपायुक्त हंसा मीणा सहित तीन अन्य कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
मामला जयपुर के नेहरू नगर पानीपेच इलाके की बेशकीमती जमीन का है, जहां निगम अधिकारियों ने सर्वे नंबर में हेरफेर कर निगम की ही जमीन को गलत तरीके से निजी व्यक्तियों को अलॉट कर दिया। इन फर्जी अलॉटमेंट्स में से 35 पट्टों में से 10 की रजिस्ट्रियां भी हो चुकी थीं।
स्थानीय पार्षद सुभाष व्यास और आम नागरिकों ने नगर निगम के पूर्व कमिश्नर अरुण कुमार हसीजा से शिकायत की थी। इसके बाद निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की। रिपोर्ट आने के बाद हंसा मीणा (पूर्व उपायुक्त), मनोज मीणा (जूनियर इंजीनियर), मुकेश मीणा (लेखाकार) और शंकर मीणा (जूनियर असिस्टेंट) को निलंबित कर दिया गया।
जयपुर से बीकानेर भेजा
चारों निलंबित अधिकारियों को फिलहाल बीकानेर स्थित स्थानीय निकाय विभाग के क्षेत्रीय उप निदेशक कार्यालय में अटैच किया गया है। इस घोटाले की विस्तृत रिपोर्ट अब सरकार को भेजी जाएगी। उधर, स्वायत्त शासन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्याम सिंह शेखावत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में चार अधिकारी दोषी पाए गए हैं। अन्य जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।






