प्रयागराज। उत्तर प्रदेश कैडर की 2008 बैच की आईएएस अधिकारी सौम्या अग्रवाल इस समय प्रयागराज की मंडलायुक्त हैं। उन्हें अप्रैल 2026 में भारत सरकार में संयुक्त सचिव या समकक्ष पदों के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
सौम्या अग्रवाल की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर बारहवीं तक की शिक्षा कॉन्वेंट स्कूल लखनऊ से हुई है। इनके पिता ज्ञान चंद्र अग्रवाल रेलवे में सिविल इंजीनियर रहे हैं। सौम्या अग्रवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद पुणे के एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब की। फिर इनका झुकाव सिविल सर्विसेज की ओर हुआ और पहले ही प्रयास में लोक सेवा आयोग की परीक्षा 24वीं रैंक हासिल की।
मसूरी में पूरी की ट्रेनिंग
फर्स्ट फेस ट्रेनिंग मसूरी में 2008 से 2010 तक हुई और सेकंड फेस ट्रेनिंग भी मसूरी में ही पूरी की। उच्च अधिकारी के रूप में पहली जॉइनिंग ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कानपुर नगर के रूप में हुई। उसके बाद 30 अगस्त 2011 को मुख्य विकास अधिकारी महाराजगंज बनी और 7 अप्रैल 2012 से 22 अप्रैल 2012 तक महाराजगंज की डीएम रहीं। 04 फरवरी 2014 को स्पेशल सेक्रेटरी गवर्नमेंट ऑफ यूपी टेक्निकल एजुकेशन डिपार्मेंट की जिम्मेदारी निभाई। फिर विशेष सचिव मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्मेंट रहीं।
सौम्या अग्रवाल ने माघ मेला में निभाई अहम भूमिका
विशेष सचिव पावर डिपार्टमेंट के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण में वीसी, आगरा में एमडी डीबीवीवीएनएल, बस्ती और बलिया में डीएम रहने के बाद बरेली में कमिश्नर इंचार्ज रही हैं। इसके पास 2023 से 2025 तक बरेली की कमिश्नर बनी, फिर सितंबर 2025 में प्रयागराज की कमिश्नर बनीं। प्रयागराज में माघ मेला 2025 के सफल आयोजन में अग्रणी भूमिका में निभाई।
सौम्या अग्रवाल के पति मोहिता गुप्ता होम सेक्रेटरी
नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बातचीत में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बताया कि हिंदी पैनल में सिलेक्शन खुशी की बात है। आगे बेहतर कार्य करने का अवसर मिलेगा। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के पति मोहित गुप्ता इस वक्त उत्तर प्रदेश सरकार में होम सेक्रेटरी हैं। परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री है।
