ED : रेलवे अधिकारी ने अपनी पत्नी और बेटी के नाम पर बनाए 24 नकली बिल, हेराफेरी कर निकाले पांच करोड़ रुपये

गुवाहाटी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के धन की हेराफेरी के संबंध में अभियोजन शुरू किया है। साथ ही इस केस में 1.05 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के तत्कालीन वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी (लेखा) संजय चक्रवर्ती और दो अन्य के खिलाफ अभियोजन शुरू किया है।
मामला 5.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। रेलवे अधिकारी ने अपनी पत्नी और बेटी के नाम पर नकली बिल बनाकर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा दिया। अब ईडी ने भारतीय रेलवे निधि से जुड़े धन शोधन के इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 22/09/2025 को 1.05 करोड़ रुपये की चल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है।
ईडी ने सीबीआई, एसीबी, गुवाहाटी द्वारा संजय चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन), 2018 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में 5.13 करोड़ रुपये के गबन के संबंध में उक्त मामले की जांच शुरू की थी। ईडी की जांच से पता चला है कि संजोय चक्रवर्ती ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के लेखा विभाग में रहते हुए और सेवानिवृत्ति के बाद संविदात्मक रोजगार के दौरान पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के एकीकृत वेतन रोल और लेखा प्रणाली में हेरफेर करके अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।
जांच में सामने आया है कि उन्होंने वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खाता संख्याओं को दो फर्मों, मेसर्स इंटिमेट और मेसर्स आरसी कंप्यूटर सॉल्यूशन के साथ धोखे से बदलकर 24 नकली/काल्पनिक बिल बनाए गए। ये बिल उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी के नाम पर बनाए थे। साथ ही ये बिल उन्होंने सीधे अपने बैंक खातों में संचालित किए थे। इस तरह उन्होंने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के 5.13 करोड़ रुपये निकाल लिए।
अपराध की इन आय (पीओसी) का 1.43 करोड़ रुपये का एक हिस्सा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के तत्कालीन वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को दिया गया, इस तरह से डायवर्ट की गई धनराशि को कई बैंक खातों के ज़रिए जमा किया गया। चल संपत्ति, बीमा पॉलिसियां, घरेलू सामान और अन्य निजी खर्चों के लिए उक्त राशि का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में, ईडी ने पहले ही पीओसी का प्रतिनिधित्व करते हुए 2.42 करोड़ रुपये की चल संपत्ति कुर्क करते हुए एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया है। इस प्रकार, इस मामले में अब तक कुल 3.47 करोड़ रुपये की कुर्की हो चुकी है।





