ED: बिहार में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त महिला मुखिया के घर ED का छापा

नई दिल्ली। अवैध शराब तस्करी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बिहार सहित चार राज्यों में सात ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी ने मुजफ्फरपुर, झारखंड के रांची, हरियाणा के गुरुग्राम और अरुणाचल के नाहरलागुन और नामसाई जिलों में आरोपियों के ठिकानों को खंगाला। मुजफ्फरपुर में राष्ट्रपति से सम्मानित मुखिया बबिता देवी के घर भी छापेमारी हुई। इस दौरान शराब के अवैध कारोबार से जुड़े कई दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण जब्त किए गये।

ईडी सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई शराब तस्करी के मुख्य सरगना सुनील भारद्वाज और उसके करीबियों पर केंद्रित रही। ईडी ने मुजफ्फरपुर में बिशनपुर वघनगरी मॉडल पंचायत की मुखिया बबिता देवी के आवास पर जांच की। मुखिया के घर पर मौजूद दस्तावेज, बैंक खातों, प्रॉपर्टी डीड और अन्य वित्तीय लेन-देन को खंगाला गया।

मुखिया पति बबलू मिश्रा और उनके भाई पर पहले से शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। हालांकि, मुखिया बबिता कुमारी ने कहा कि छापे मेरे या मेरे पति के खिलाफ नहीं थी। कार्रवाई मेरे देवर सुजीत मिश्रा को लेकर की गई है। उनका परिवार भी इसी पैतृक मकान में रहता है।

सरगना सुनील भारद्वाज से जुड़ी 9.13 करोड़ की संपत्तियां हो चुकी हैं अटैच
ईडी सूत्रों के अनुसार बिहार में मद्य निषेध लागू होने के बावजूद आरोपी सुनील भारद्वाज ने राज्य के बाहर और भीतर अवैध तरीके से शराब तस्करी का संगठित नेटवर्क खड़ा कर रखा है। इस नेटवर्क के जरिए न केवल शराब की खेप राज्य में लाई जाती थी, बल्कि नकली दस्तावेजों और गुप्त रास्तों का इस्तेमाल कर लाखों रुपये का काला धन भी इकट्ठा किया जाता था। आरोपियों ने बताया कि इस मामले की पहले भी जांच हो चुकी है। इस दौरान आरोपियों की करीब 9.31 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गयी थी। जांच में सामने आया कि यह गिरोह पुन: सक्रिय हो गया है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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