बेहद सादे समारोह में शपथ लेंगे डीके शिवकुमार, ईंधन की बढ़ी कीमतों और ट्रैफिक जाम के कारण लिया फैसला

भोपाल। जबरदस्त खींचतान के बाद डीके शिवकुमार आखिरकार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने का अपना बरसों पुराना सपना पूरा करने जा रहे हैं। वह 3 जून को दोपहर 3.30 बजे लोक भवन के ग्लास हाउस में राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। पार्टी सदस्यों ने बताया कि यह तारीख शिवकुमार के निजी ज्योतिषी बेलूर द्वारकानाथ से सलाह-मशविरा करने के बाद तय की गई।

सादा समारोह का फैसला
कांग्रेस ने बड़े सार्वजनिक आयोजन की योजना छोड़कर सीमित और सादा समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है।
राज्य कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि महंगाई और ईंधन कीमतों के कारण लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहते।
साथ ही, कार्यदिवस होने के कारण आम जनता को होने वाली असुविधा से बचने की भी कोशिश की गई है।
विधायक दल का नेता चुने गए
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शिवकुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया।
निवर्तमान मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने स्वयं उनके नाम का प्रस्ताव रखा।
पूर्व उपमुख्यमंत्री G. Parameshwara ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
इसके बाद कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal ने औपचारिक घोषणा की।

कैबिनेट गठन पर नजर
अब सबसे बड़ी चुनौती नई मंत्रिपरिषद के गठन की है।
कांग्रेस विभिन्न जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक समूहों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
पार्टी के ‘अहिंदा’ (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित) सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए कई उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा जारी है।
राजनीतिक महत्व
यह लगभग 17 वर्षों बाद कांग्रेस विधायक दल के नेतृत्व में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहे शिवकुमार के लिए यह राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
नेतृत्व परिवर्तन में Priyanka Gandhi Vadra और Rahul Gandhi की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है।

कुल मिलाकर, यह बदलाव कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन के नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिवकुमार अपनी कैबिनेट में विभिन्न गुटों को किस तरह प्रतिनिधित्व देते हैं और सरकार की राजनीतिक दिशा क्या रहती है।

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