Cyber Security : केंद्रीय गृह सचिव ने कहा, हर शहर में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी होना जरूरी

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने गुरुवार को भारतीय शहरों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर खतरों से डेटा और प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शहर में एक मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ) होना चाहिए।

उन्होंने राज्यों और नगर प्रशासन से साइबर खतरों के प्रति हमेशा सतर्क रहने और अपने सिस्टम और नेटवर्क सुरक्षा का नियमित ऑडिट करने का आग्रह किया। सूत्रों ने कहा कि मोहन ने शहरों के लिए सलाहकारों और निजी खिलाड़ियों पर निर्भर रहने के बजाय, प्रौद्योगिकी एकीकरण से निपटने और सिस्टम की सुरक्षा के लिए अपनी क्षमता बनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, गृह और शहरी मामलों के मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारियों के अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो, यूआईडीएआई और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। “डेटा सुरक्षा और साइबर स्वच्छता पर बहुत बड़ा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, खासकर जब से 100 स्मार्ट शहरों ने प्रौद्योगिकी एकीकरण में भारी प्रगति की है। आईबी अधिकारियों ने बताया कि कैसे हमेशा तैयार रहने की जरूरत है क्योंकि साइबर खतरे एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरे हैं क्योंकि संपत्तियों, जल आपूर्ति और परिवहन प्रणालियों पर अधिक डेटा डिजिटल हो रहा है।

सूत्रों ने बताया कि आवास एवं शहरी मामलों के सचिव के. श्रीनिवास ने मंत्रालय की योजना की घोषणा की है कि वह 100 स्मार्ट शहरों के लिए एक योजना लेकर आएगा ताकि उनके द्वारा किए गए डेटा और प्रौद्योगिकी एकीकरण कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके। एक सूत्र ने बताया, “केंद्र की यह योजना उन 100 कॉमन कमांड और कंट्रोल सेंटरों की निरंतरता सुनिश्चित करेगी जो शहरों के आईटी ढांचे और डेटा का प्रबंधन करते हैं।”

स्मार्ट शहरों में साइबर सुरक्षा बेहद ज़रूरी है क्योंकि ये शहर ज़रूरी सेवाओं के लिए आपस में जुड़ी डिजिटल तकनीकों पर निर्भर हैं। इन्हें अपने जटिल बुनियादी ढाँचे से जुड़ी साइबर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें IoT उपकरणों में कमज़ोरियाँ, डेटा उल्लंघन और महत्वपूर्ण सेवाओं में संभावित व्यवधान शामिल हैं।

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