Court : ‘यह कोई मज़ाक है?’, 3000 बीघा जमीन अडानी की सीमेंट कंपनी को आवंटित करने पर हाईकोर्ट की फटकार

नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के आदिवासी बहुल दीमा हसाओ जिले में एक निजी सीमेंट कारखाने (Cement Factory) को 3,000 बीघा जमीन (3000 bigha land) आवंटित करने पर राज्य सरकार की आलोचना की है और पूछा है कि क्या यह कोई ”मजाक” है।इस मामले में असम के मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा सरमा उलझ गये हैँ।
कोर्ट ने उत्तरी कछार हिल्स जिला स्वायत्त परिषद (NCHDAC) के वकील को निर्देश दिया कि वह कंपनी को ”जमीन का इतना बड़ा हिस्सा” आवंटित करने की नीति से संबंधित रिकार्ड प्राप्त करके अदालत के समक्ष पेश करें।
जस्टिस संजय कुमार मेधी (Justice Sanjay Kumar Medhi) ने अपने आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों पर सरसरी निगाह डालने से पता चलता है कि आवंटित की गई जमीन लगभग 3000 बीघा है, ”जो अपने आप में असाधारण प्रतीत होती है”। याचिका की सुनवाई के दौरान जज ने कहा, ”3,000 बीघा!..क्या हो रहा है?
3,000 बीघा जमीन एक निजी कंपनी को आवंटित?..यह कैसा फैसला है? क्या यह कोई मजाक है या कुछ और?” पिछले हफ्ते दो रिट याचिकाओं की सुनवाई के दौरान जज ने एक टिप्पणी में कहा कि यह पूरे जिले का क्षेत्रफल हो सकता है।





