Sansad: प्रोटेम स्पीकर पर कांग्रेस ने फिर उठा दिए सवाल, संसद सत्र कल से हो रहा शुरू
नई दिल्ली: मोदी 3.0 में लोकसभा का पहला सत्र कल यानी 24 जून से शुरू हो रहा है लेकिन विपक्ष प्रोटेम स्पीकर को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहा है। प्रोटेम स्पीकर के चयन को लेकर इंडिया गठबंधन में शामिल दल खासकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। एक दिन पहले यह खबर सामने आई कि बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने के बाद इंडिया गठबंधन अब नए सदस्यों को शपथ दिलाने में महताब की सहायता करने की भूमिका को अस्वीकार कर सकता है।
वहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया कि कांग्रेस के आठ बार के लोकसभा सांसद कोडिकुन्निल सुरेश की अनदेखी इसलिए की गई क्योंकि वह दलित हैं। इसका जवाब बीजेपी की ओर यह कह कर दिया गया कि वह लगातार सांसद नहीं है।अब इस पर एक बार फिर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि बीजेपी जो गलत तर्क दे रही है तो फिर भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनागी को प्रोटेम स्पीकर क्यों नहीं बनाया।
प्रोटेम स्पीकर को लेकर कांग्रेस ने फिर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस के कोडिकुन्निल सुरेश (जो अपने 8वें कार्यकाल में हैं) को प्रोटेम स्पीकर होना चाहिए था। लेकिन भाजपा के भर्तृहरि महताब को इस कमजोर आधार पर नियुक्त किया गया है कि उनका दावा अधिक है क्योंकि यह उनका लगातार 7वां कार्यकाल है। जयराम रमेश ने कहा कि यदि इस तर्क को अपनाया जाता है तो बीजेपी सांसद रमेश जिगाजिनागी जो लगातार 7वीं बार सांसद हैं उनके नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया। क्या इसलिए कि वह सुरेश की तरह दलित हैं।
कोडिकुन्निल सुरेश की अनदेखी पर क्या बोले थे संसदीय कार्य मंत्री
कांग्रेस प्रोटेम स्पीकर को लेकर लगातार यह आरोप लगा रही है कि दलित समुदाय से होने के कारण कोडिकुन्निल सुरेश को बीजेपी सरकार ने नजरअंदाज किया। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सबसे लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के सेवा देने वाले सांसद को इस पद के लिए चुना जाता है। महताब बिना किसी ब्रेक के सात बार लोकसभा के सदस्य हैं। उन्होंने के सुरेश के नाम का जिक्र किया और कहा कि उनके कुल आठ कार्यकाल हैं, लेकिन 2004 और 1998 में ब्रेक थे। कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। अब इस जवाब पर एक बार फिर कांग्रेस सवाल उठा रही है।





