मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी-एसपी को लेकर चर्चा है कि उसके कुछ विधायक सत्ताधारी महायुति (NDA) के साथ जाने के पक्ष में हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के 10 विधायकों में से करीब 5 विधायक एनडीए में शामिल होने की संभावना तलाश रहे हैं। हालांकि, इस पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विधायक क्यों चाहते हैं सत्ता पक्ष में जाना?
सूत्रों के अनुसार, कुछ विधायकों का मानना है कि विपक्ष में रहने की तुलना में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा बनने से अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए फंड और प्रशासनिक मंजूरियां आसानी से मिल सकती हैं। इसी वजह से वे महायुति के साथ जाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
कांग्रेस की भी अलग रणनीति
इसी बीच, कांग्रेस भी एनसीपी-एसपी को लेकर अपनी रणनीति बना रही है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, कांग्रेस पार्टी पूरे संगठन का एक साथ विलय करने के बजाय सांसदों, विधायकों और चुनिंदा नेताओं को अलग-अलग चरणों में अपने साथ जोड़ने के पक्ष में है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व नहीं चाहता कि एकमुश्त विलय की स्थिति में एनसीपी-एसपी के वरिष्ठ नेताओं को संगठन और सत्ता में बड़े पद देने पड़ें, जिससे कांग्रेस के पुराने नेताओं के लिए असहज स्थिति पैदा हो सकती है।
एनडीए में जाने की अटकलें क्यों तेज हुईं?
हाल के दिनों में शरद पवार की कुछ राजनीतिक मुलाकातों ने इन अटकलों को और हवा दी है। महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर हुई एक बैठक के बाद उनका अचानक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय पहुंचना चर्चा का विषय बना। इसके अलावा एनसीपी-एसपी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की भाजपा सांसद विनोद तावड़े से मुलाकात ने भी राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े किए।
संजय राउत ने क्या कहा?
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर कहा कि शरद पवार अपनी पार्टी के बारे में जो फैसला लें, वह उनका आंतरिक मामला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे के कार्यालय में जाकर बैठक करना शिवसेना के कार्यकर्ताओं को अच्छा नहीं लगा।
आधिकारिक स्थिति क्या है?
एनसीपी-एसपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले पहले ही साफ कर चुकी हैं कि पार्टी के कांग्रेस में विलय या एनडीए में शामिल होने जैसी अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है। फिलहाल पार्टी की ओर से किसी विधायक के एनडीए में जाने या दल बदल की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
फिलहाल स्थिति यह है कि ये सभी दावे राजनीतिक सूत्रों और अटकलों पर आधारित हैं। जब तक संबंधित दल या विधायक आधिकारिक घोषणा नहीं करते, इन्हें पुष्टि किए गए घटनाक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
शरद पवार की पार्टी में फिर टूट के आसार…? 10 में से 5 विधायक NDA के संपर्क में होने का दावा
