कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और चुनाव आयोग में तनाव लगातार जारी है। बंगाल में सोमवार को टीएमसी नेताओं की चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ फुल बेंच मीटिंग हुई। इस दौरान बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया कि चुनाव आयुक्त ने उनसे ‘शाउट न करने को कहा’। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि आयोग इस बात से नाराज था कि टीएमसी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
टीएमसी को छोड़कर बीजेपी, कांग्रेस और सीपीएम ने चुनाव आयोग से कम समय में चुनाव कराने की मांग की। ये पार्टियां चाहती हैं कि चुनाव दो फेज में हो। वहीं, टीएमसी इस बात पर अड़ी रही कि बंगाल का कोई भी असली वोटर छूटना नहीं चाहिए। इससे पहले बीजेपी ने कई फेज में चुनाव कराने की बात कही थी। लेकिन एसआईआर का लंबा शेड्यूल चुनाव आयोग को इस साल लंबे समय तक चुनाव कराने की इजाजत नहीं देगा। एक प्रेस नोट में चुनाव आयोग ने कहा कि पॉलिटिकल पार्टियों ने कमीशन से 1 या 2 फेज में चुनाव कराने की अपील की है।
टीएमसी मंत्री के आरोप
चुनाव आयुक्त के साथ मीटिंग के बाद, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और पूर्व डीजीपी राजीव कुमार के साथ चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि मैं एक महिला हूं और वह मुझसे कह रहे हैं ‘चिल्लाओ मत’। उन्होंने कहा कि असल में उन्हें महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है। इसीलिए महिलाओं के नाम भी हटाए जा रहे हैं। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आगे कहा कि जब भी हमने एसआईआर के बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। उन्होंने कहा कि अगर आपने हमें बुलाया है, तो आपको हमारी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या हमारा सुप्रीम कोर्ट जाना गलत था? उन्होंने आगे कहा कि लोगों की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। जब टीएमसी नेताओं से पूंछा गया कि टीएमसी कितने फेज में वोटिंग कराने पर विचार कर रही है, तो फिरहाद हकीम और चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि मीटिंग उसके लिए नहीं बुलाई गई थी।
अलग-अलग पार्टियों के नेता चुनाव आयुक्त से मिले
बीजेपी के जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, शिशिर बाजोरिया और तपस रे ने भी चुनाव आयोग से मुलाकात की। बीजेपी टीम ने मांग की कि बंगाल विधानसभा चुनाव एक या ज्यादा से ज्यादा दो फेज में कराए जाएं। वहीं, कांग्रेस के डेलीगेशन ने एसआईआर के तहत ‘अंडर जजमेंट’ में आए करीब 60 लाख केस के भविष्य पर चिंता जताई। कांग्रेस के इस डेलीगेशन में प्रदीप भट्टाचार्य, आशुतोष चटर्जी और प्रसेनजीत बसु शामिल थे। कांग्रेस ने कहा कि वे सिंगल-फेज चुनाव का स्वागत करेंगे। वहीं, सीपीएम के मोहम्मद सलीम, शमिक लाहिड़ी और आफरीन बेगम ने रोल रिवीजन और चुनाव की तैयारियों पर चिंता जताई। पार्टी ने 1 या 2-फेज चुनाव की मांग की और जिन वोटर्स के नाम हटा दिए गए थे, उन्हें फिर से एनरोल करने का मौका देने की मांग की।
