नई दिल्ली। बिहार दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर उन्हें और बिहार के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सीएम नीतीश को लिखे पत्र में पीएम ने कहा कि बिहार दिवस, राज्य के समृद्ध इतिहास, सामर्थ्य और परंपराओं का उत्सव मनाने का दिन है। यह भारत की सशक्त पहचान में बिहार के अमूल्य योगदान को याद करने का अवसर भी है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि बिहार की धरती ने प्राचीन काल से ही ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को समृद्ध किया है। इस धरा पर दिए गए गौतम बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक चेतना का हिस्सा हैं और मानवता को मार्ग दिखा रहे हैं। इस भूमि ने चाणक्य जैसे महान कूटनीतिज्ञ का प्रभाव देखा, जिन्होंने सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के साथ मिलकर एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी। यह विरासत आज भी भारत की सोच और दिशा को प्रेरित करती है।
बिहारियों की वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहारवासियों ने देश और दुनियाभर में अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई है। समाज सेवा, उद्योग, शिक्षा, कला और संगीत—हर क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने करीब से देखा है कि बिहार के लोग गुजरात की प्रगति में किस तरह योगदान दे रहे थे, खासकर सूरत के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बिहार गठन के 100 वर्ष पूरे होने पर सूरत में आयोजित भव्य कार्यक्रम का भी उन्होंने उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने मॉरीशस, गुयाना और त्रिनिदाद एवं टोबैगो में भी बिहार की संस्कृति के जीवंत स्वरूप को देखने की बात कही। उन्होंने कहा कि महापर्व छठ बिहार की सांस्कृतिक पहचान का सबसे सशक्त उदाहरण है, जो अब दुनियाभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
स्वतंत्रता संग्राम और लोकतांत्रिक योगदान की चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार कई महान विभूतियों की जन्मभूमि और कर्मभूमि रहा है, जिन्होंने भारत की लोकतांत्रिक और बौद्धिक परंपराओं को आकार दिया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिहार ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने चंपारण में महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे आजादी के संघर्ष को नई ऊर्जा मिली। संविधान निर्माण में राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा और जगजीवन राम जैसे नेताओं के योगदान को भी उन्होंने याद किया। 1970 के दशक में लोकतंत्र के सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन को सराहा। साथ ही कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने का भी उल्लेख किया।
विकास योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार का फोकस बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और समावेशी विकास पर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 की तुलना में बिहार को मिलने वाली केंद्रीय सहायता में काफी वृद्धि हुई है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिली है। उन्होंने कहा कि आज बिहार में गरीबों के जीवन में ठोस बदलाव दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40 लाख से अधिक घर बनाए गए हैं, उज्ज्वला योजना के तहत 1 करोड़ 20 लाख से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन मिला है और सौभाग्य योजना के माध्यम से घर-घर बिजली पहुंचाई गई है।
स्थानीय उत्पाद और शिक्षा क्षेत्र में पहल
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। मखाना जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए नेशनल मखाना बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने नालन्दा विश्वविद्यालय को बिहार की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए कहा कि इसे नई पहचान देने का प्रयास किया गया है, जिससे प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में रेल और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। पटना हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल का निर्माण, दरभंगा की बेहतर हवाई कनेक्टिविटी और पूर्णिया में नए टर्मिनल भवन का निर्माण महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उन्होंने औंटा-सिमरिया पुल परियोजना के उद्घाटन के दौरान लोगों के उत्साह को भी याद किया और कहा कि आने वाले समय में बिहार के विकास की गति और तेज होगी।
नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके सुशासन और सभी वर्गों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता ने राज्य में विश्वास, स्थिरता और प्रगति की नई धारा शुरू की है। उन्होंने कहा कि आज का बिहार अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर है और यह यात्रा भारत की प्रगति का ही प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री ने पत्र के अंत में एक बार फिर मुख्यमंत्री और बिहार के सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की।
CM नीतीश ने जताया अभार
पीएम मोदी की के द्वारा पत्र लिखे जाने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के प्रति स्नेहपूर्ण संदेश के लिए समस्त बिहारवासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद एवं आभार प्रकट करता हूं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आपने बिहार की समृद्ध विरासत, संस्कृति और प्रगति के प्रयासों की सराहना की है। हम राज्य के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय, सुशासन और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं। केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। अब बिहार और अधिक विकसित होगा तथा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आपके मार्गदर्शन एवं सहयोग से बिहार के कर्मठ एवं प्रतिभाशाली लोग निश्चित रूप से राज्य और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे’।
