तमिलनाडु में स्कूल शिक्षा में बड़ा बदलाव: ‘मून मैन’ डॉ. माइलस्वामी अन्नादुरई करेंगे नया सिलेबस तैयार
चेन्नई।तमिलनाडु सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इसरो के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक और ‘मून मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. माइलस्वामी अन्नादुरई को स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम डिजाइन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे अगले तीन वर्षों तक राज्य के 1.3 करोड़ से अधिक छात्रों के लिए नए पाठ्यक्रम के निर्माण का नेतृत्व करेंगे।
सरकार के अनुसार, यह नियुक्ति 2025 की राज्य शिक्षा नीति के तहत पुनर्गठित 17 सदस्यीय करिकुलम डिजाइन समिति का हिस्सा है। डॉ. अन्नादुरई की अगुवाई में नया सिलेबस विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार और क्रिटिकल थिंकिंग जैसे विषयों पर विशेष जोर देगा, ताकि छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
तीन साल का होगा कार्यकाल
डॉ. माइलस्वामी अन्नादुरई तीन वर्षों तक समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि उनके अनुभव से राज्य की स्कूली शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और छात्रों में वैज्ञानिक सोच तथा तकनीकी कौशल का विकास होगा।
कौन हैं डॉ. माइलस्वामी अन्नादुरई?
डॉ. अन्नादुरई तमिलनाडु के पोलाची के निकट कोथावाड़ी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूलों से प्राप्त की। इसके बाद गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीई, पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से एमई और अन्ना यूनिवर्सिटी से पीएचडी की।
वे 1982 में इसरो से जुड़े और लगभग 36 वर्षों के कार्यकाल में 60 से अधिक उपग्रह मिशनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारत के चंद्र मिशनों में उनकी अहम भूमिका के कारण उन्हें ‘मून मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से पहचान मिली।
शिक्षा में होगा आधुनिक बदलाव
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान क्षमता, AI और उभरती तकनीकों की समझ विकसित करना है। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूल शिक्षा को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप बनाया जाए, जिससे छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।