Bengal : ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे थे भाजपा कार्यकर्ता, शुभेंदु अधिकारी ने चुप कराया…

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी सीधे रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास जोरासांको ठाकुरबाड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने न केवल कविगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि अपने समर्थकों को एक कड़ा संदेश देते हुए ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने से रोक दिया। ठाकुरबाड़ी परिसर में समर्थक ने उत्साह में धार्मिक और राजनीतिक नारे लगा रहे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया।
भाजपा कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों को उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह ‘जय श्री राम’ कहने की जगह नहीं है। यहां केवल ‘कविगुरु’ का नाम होगा। यह राजनीतिक खींचतान का समय नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में अब मैं सबका हूं।” अधिकारी ने जोर देकर कहा कि चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब राज्य के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी उन पर है। उन्होंने बंगाल की शिक्षा और संस्कृति को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की और विकास के लिए सबको साथ चलने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री का ठाकुरबाड़ी दौरा प्रतीकात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। रवींद्रनाथ टैगोर की 166वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने टैगोर की प्रतिमा के सामने घुटने टेककर अपना माथा जमीन से छुआ। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “बंगाल और बंगाली संस्कृति को गुरुदेव की चेतना और आदर्शों द्वारा निर्देशित होना चाहिए। आज उस शुभ शुरुआत का दिन है।”
शुभेंदु अधिकारी के इस दौरे में एक व्यक्तिगत पहलू भी जुड़ा था। वे रवींद्र भारती विश्वविद्यालय (RBU) के पूर्व छात्र रहे हैं, जहां से उन्होंने पर्यावरण अध्ययन में मास्टर डिग्री प्राप्त की थी। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। विश्वविद्यालय के अनुरोध पर वे ‘बिचित्रा भवन’ गए, जहां उन्होंने अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ काले नमक वाली ‘निमकी’ और काली चाय का आनंद लिया।





