आर्मी अफसर रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक नहीं लिखेंगे बुक.? ‘कूलिंग ऑफ’ पीरियड लागू करने का प्रस्ताव नहीं…!

नई दिल्‍ली. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के संस्मरण या किताब प्रकाशित करने से पहले 20 वर्ष का अनिवार्य ‘कूलिंग ऑफ’ पीरियड लागू करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है. पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब पर विवाद के बाद इस तरह की कयासबाजी तेज हो गई थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार फ्रांस के साथ प्रस्तावित राफेल लड़ाकू विमान सौदे को अगले 4 से 6 महीनों में अंतिम रूप देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस तरह के किसी प्रस्ताव पर चर्चा से साफ इनकार करते हुए कहा कि इस संबंध में कैबिनेट के समक्ष कोई प्रस्ताव नहीं आया. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्व सेना प्रमुख MM नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक ‘Four Stars of Destiny’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. इस पुस्तक में चीन के साथ लद्दाख गतिरोध से जुड़े मुद्दों का उल्लेख बताया गया, जिसके बाद संसद में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भाजपा सांसदों के बीच लोकसभा में आरोप-प्रत्यारोप भी हुए. राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पहले से ही ऐसे नियम मौजूद हैं जो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी गोपनीय सूचनाओं के खुलासे से रोकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील जानकारी के प्रकाशन पर आधिकारिक गोपनीयता कानून (Official Secrets Act) के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं और इसके लिए सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है.

नरवणे की किताब पर विवाद क्‍यों
नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ की प्रकाशक कंपनी पेंगुइन इंडिया ने सफाई देते हुए बताया कि पूर्व आर्मी चीफ की किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. खुद नरवणे ने भी पेंगुइन के इस दावे पर अपनी मुहर लगाई है, लेकिन इसके बावजूद इस मामले पर खूब विवाद हुआ. पेंगुइन इंडिया के अनुसार, किसी किताब की घोषणा होना, उसका प्री-ऑर्डर पर उपलब्ध होना और उसका वास्तव में प्रकाशित होना, ये तीनों अलग-अलग चीजें और स्टेज हैं. किसी किताब का अमेज़न जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर प्री-ऑर्डर के लिए दिखना या उसकी भविष्य की रिलीज़ तारीख तय होना, यह नहीं दर्शाता कि वह किताब प्रकाशित हो चुकी है. पेंगुइन का कहना है कि किताब को तभी प्रकाशित माना जाता है जब वह रिटेल प्लेटफ़ॉर्म पर सीधे खरीदने के लिए उपलब्ध हो.

राफेल डील पर क्‍या बोले राजनाथ
फ्रांस के साथ प्रस्तावित राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि वह स्वयं चाहते हैं कि यह समझौता जल्द से जल्द हो. उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वे तो कल ही इस सौदे को पूरा करना चाहते हैं और भारतीय वायुसेना प्रमुख भी इसे शीघ्र अंतिम रूप देने के पक्ष में हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रक्षा खरीद प्रक्रिया जटिल होती है और इसमें समय लगता है. उन्होंने बताया कि सरकार 4 से 6 महीनों के भीतर इस सौदे को अंतिम रूप देने की कोशिश करेगी, जिसमें कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से मंजूरी भी शामिल है. रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने भी पुष्टि की कि फ्रांस के साथ 114 राफेल विमानों की अंतिम लागत को लेकर बातचीत अभी जारी है और इसे पूरा होने में कुछ समय लगेगा.

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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