नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति से मुलाकात और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे ने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की अटकलों को तेज कर दिया है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक किसी फेरबदल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राष्ट्रपति भवन में मोदी-मुर्मू की मुलाकात क्यों चर्चा में?
मंगलवार को Narendra Modi ने Droupadi Murmu से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन ने इसकी तस्वीरें साझा करते हुए केवल इतना बताया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से भेंट की।
सामान्य तौर पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच मुलाकातें नियमित प्रशासनिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं, लेकिन यह बैठक ऐसे समय हुई जब केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चाएं पहले से चल रही हैं। इसलिए इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे ने बढ़ाई अटकलें
इसी दिन केंद्रीय राज्य मंत्री George Kurian का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका था और उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया।
कुरियन अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालयों में राज्य मंत्री थे। केरल में ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाने की रणनीति में उन्हें महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता रहा है।
क्या जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कुछ कारण ऐसे हैं जो फेरबदल की संभावना को बल देते हैं—
कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की जरूरत।
कुछ मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा।
सहयोगी दलों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की संभावनाएं।
राज्यसभा और लोकसभा के बदलते राजनीतिक समीकरण।
हालांकि, केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मुलाकात को मंत्रिमंडल विस्तार का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता। किसी भी फेरबदल या नए मंत्रियों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है, इसलिए ऐसी बैठकों को लेकर स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चा बढ़ जाती है।
फिलहाल स्थिति क्या है?
अभी तक न तो प्रधानमंत्री कार्यालय और न ही भाजपा नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी दी है। इसलिए मौजूदा समय में फेरबदल की खबरें राजनीतिक अटकलों और संकेतों पर आधारित हैं। यदि सरकार कोई निर्णय लेती है तो उसकी औपचारिक घोषणा राष्ट्रपति भवन और केंद्र सरकार की ओर से की जाएगी।