ED Raid: छापेमारी में 988 करोड़ की धोखाधड़ी, मचा हड़कंप

नई दिल्ली। शिल्पी केबल्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (SCTL) और इसके प्रमोटरों के लिए मुश्किल भरी रही. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली-एनसीआर और लुधियाना में 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई ₹988 करोड़ की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में की गई है. शिल्पी केबल्स टेक्नोलॉजीज और इसके मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष गोयल पर आरोप है कि उन्होंने IDBI Bank सहित कई बैंकों से लिए गए लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की रकम को गलत तरीके से इस्तेमाल किया.

ईडी के मुताबिक, यह पैसा फर्जी लेन-देन के जरिए विदेश भेजा गया और फिर फर्जी कंपनियों के माध्यम से कैश के रूप में भारत वापस लाया गया. इसके बाद इस रकम को कंपनी या उससे जुड़ी संस्थाओं में निवेश किया गया.

कहां-कहां हुई छापेमारी?
दिल्ली-एनसीआर में 9 ठिकानों पर ईडी ने तलाशी ली.
पंजाब के लुधियाना में 1 स्थान पर कार्रवाई की गई.

ईडी का कहना है कि ये सभी स्थान मनीष गोयल के सीधे नियंत्रण में हैं या उनके करीबी सहयोगियों और फर्जी कंपनियों से जुड़े हैं.

CBI से ईडी तक पहुंचा मामला
इस मामले में सबसे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने FIR दर्ज की थी. अब ईडी ने इस जांच को अपने हाथ में ले लिया है. जांच का मुख्य ध्यान उन रास्तों पर है, जिनके जरिए बैंक से पैसा निकालकर विदेश भेजा गया और फिर वापस लाकर कंपनी में लगाया गया.
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई डिजिटल दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े सबूत मिले हैं. आने वाले दिनों में पूछताछ तेज हो सकती है और कुछ गिरफ्तारियां भी संभव हैं.

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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