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MP: सोमवार को मिलेगा प्रदेश को नया मुख्यमंत्री…शिवराज ने लिखा – राम राम, प्रहलाद बोले- इंतजार करिये…

भोपाल। मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका खुलासा सोमवार को होगा और इसकी अधिकृत घोषणा भोपाल में सोमवार 11 दिसंबर को होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद की जाएगी। लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पोस्ट पर राम राम लिख कर नई चर्चा शुरू कर दी है। इधर, सीएम के अन्य दावेदार कल शाम को या सोमवार को ही भोपाल पहुंचेंगे। नरसिंहपुर विधायक प्रहलाद पटेल से कल दो दर्जन से ज्यादा एमएलए और मंत्री विश्वास सारंग ने मुलाकात की।

इसके लिए नियुक्त पर्यवेक्षक रविवार या सोमवार सुबह भोपाल आ सकते हैं। विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक नव-निर्वाचित विधायकों से बात करेंगे। विधायकों से वन टू वन चर्चा भी कर सकते हैं।

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री को लेकर पिछले 6 दिनों से असमंजस बना हुआ है। पार्टी ने मुख्यमंत्री के चयन के लिए तीन पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इनमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के लक्ष्मण और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लकड़ा शामिल हैं। मध्यप्रदेश में ये पहला मौका है जब भाजपा रिजल्ट (3 दिसंबर) आने के बाद भी मुख्यमंत्री का चेहरा तय नहीं कर पा रही है। अब 8 दिन बाद यानी 11 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद ही इस पर फैसला हो सकेगा। इससे पहले के चुनाव में भाजपा ने रिजल्ट आने के 2 से 5 दिन बाद ही मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया था। क्योंकि पूर्व में भाजपा ने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर ही चुनाव लड़े थे।

2003 में उमा भारती के चेहरे को प्रोजेक्ट कर चुनाव लड़ा गया था। इसके बाद 2008 से लेकर 2018 तक शिवराज ही चेहरा रहे हैं। इस बार चुनाव में भाजपा ने किसी भी चेहरे को प्रोजेक्ट नहीं किया। दो केंद्रीय मंत्री और तीन सांसदों के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री के चयन में कोई जल्दबाजी भी नहीं करना चाहता, क्योंकि इस फैसले का असर लोकसभा चुनाव में होगा।

शिवराज ने लिखा- सभी को राम-राम

आज शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- सभी को राम-राम…। चुनाव जीतने के बाद लगातार दौरे कर रहे शिवराज आज भोपाल में ही हैं। मुख्यमंत्री चयन पर सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि कोई जद्दोजहद नहीं है। बीजेपी में एक तय प्रक्रिया है। कार्यकर्ता अपना काम करते हैं। पार्टी विचार करके फैसला करती है। उन्होंने कहा कि मामा और भैया का पद दुनिया में किसी भी पद से बड़ा है। इससे बड़ा कोई पद नहीं है।

प्रहलाद पटेल बोले- इंतजार करिए, मिलकर विकास करेंगे

नरसिंहपुर से विधायक चुने गए प्रहलाद पटेल ने शुक्रवार को भोपाल में कहा कि वे यहां विधायक के तौर पर जरूरी कार्रवाई के लिए आए हैं। सीएम फेस पर उन्होंने कहा कि इंतजार करना होगा। सभी मिलकर प्रदेश का विकास करेंगे। प्रहलाद पटेल भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक हैं। लोकसभा से विधानसभा आने के सवाल पर बोले- कोई सदन छोटा नहीं होता। सदन, सदन होता है। संख्या और नियमों में अंतर है। अगर ईश्वर ने चौकीदारी का काम दिया है तो चौकीदारी ही करनी चाहिए।

शिवराज सबसे ऊपर…?

चर्चाओं के अनुसार अब भी शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री की दावेदारी में सबसे ऊपर हैं। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव के चलते मध्य प्रदेश में कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा, ऐसी स्थिति में शिवराज सिंह पर ही दांव लगाकर पार्टी लोकसभा चुनाव में अच्छे परिणाम हासिल करने पर विचार कर रही है। शिवराज सिंह मुख्यमंत्री बने रहे तो दो उप मुख्यमंत्री प्रहलाद पटेल और तुलसीराम सिलावट को बनाया जा सकता है। तुलसीराम एससी वर्ग से आते हैं।

दूसरा फार्मूला..?

एक अन्य फार्मूले में प्रहलाद पटेल को मुख्यमंत्री बनाकर कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है। ऐसी स्थिति में दो उप मुख्यमंत्री विष्णु दत्त शर्मा और ओमप्रकाश धुर्वे बनाए जा सकते हैं। तब नरेंद्र सिंह तोमर को पुन: लोकसभा चुनाव लड़ाकर केंद्र में ले जाया जा सकता है। एससी वर्ग के जगदीश देवड़ा को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। मध्य प्रदेश में भाजपा ने यह बदलाव किया तो शिवराज सिंह ओबीसी वर्ग के अग्रणी नेता बनकर केंद्र में जा सकते हैं।

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